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समानांतर पुल की जमीनों पर 35 रैयतों की आपत्ति

एक वर्ष पहले
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{59 करोड़ 12 लाख 33 हजार 718 जमीन अधिग्रहण पर खर्च

विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले फोरलेन पुल बनाने की कवायद शुरू कर दी है। पुल के लिए भू-अर्जन विभाग ने रैयतों से जमीन अधिग्रहण संबंधी आपत्ति मांगी थी। शुक्रवार को आपत्ति दर्ज करने की आखिरी तारीख थी, इस पर 35 रैयतों ने आपत्ति दर्ज की है।

रैयतों का कहना है कि उनकी जमीन की सही कीमत मिले और जमाबंदी से खाता-खेसरा दुरुस्त कर उचित मुआवजा मिले। कई रैयतों ने जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए मुआवजा की राशि उन्हें देने की मांग की है। अभी पहली किस्त के रूप में 15 करोड़ रुपए भू-अर्जन को दिए गए हैं।

4 मार्च 2016 को सीएम ने की थी समानांतर पुल की घोषणा

प्रभारी भू-अर्जन पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सभी आपत्तियों का निराकरण एक माह में कर दिया जाएगा। एक माह में पंचाट की भी घोषणा होगी। आपत्तियों के निराकरण के बाद असली रैयतों को उनकी जमीनों का उचित मुआवजा दिया जाएगा। बता दें कि समानांतर पुल राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। 4 मार्च 2016 को सीएम ने भागलपुर यात्रा के दौरान इस पुल को बनाने की घोषणा की थी। 25 फरवरी को बिहार बजट में भी सरकार ने वर्ष 2020-21 में समानांतर पुल के निर्माण की बात कही थी। 2027-28 तक इस पुल के पूरे होने का अनुमान है।

{4.37 किमी से अधिक होगी पुल की लंबाई।

{19 मीटर चौड़ी होगी सड़क, दोनों तरफ बनेंगे फुटपाथ।

{120 मीटर गंगा में स्पेन होगा, 1900 करोड़ लागत होगी।

- एनएच-31 व 80 से मिलेगा पुल।
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