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बंद पड़े चापाकलों की जगह लगेंगे 4800 नए चापाकल

एक वर्ष पहले
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राज्य के पेयजल संकट से जूझ रहे जिलों में 4800 नए चापाकल लगाए जाएंगे। राज्य सरकार ने पेयजल संकट से निपटने के लिए इन जिलों में बंद और पुराने चापाकलों के स्थान पर नए चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत भू-जल स्तर में गिरावट वाले इलाकों में बंद पड़े चापाकलों के आसपास और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए चापाकल लगाए जाएंगे। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सभी कार्य प्रमंडलों के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए इस काम को अगले 6 महीने में पूरा करने का आदेश दिया है। इस योजना के लिए 29.63 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। विभाग ने इस योजना की मॉनीटरिंग की जिम्मेवारी मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को सौंपी है। इस योजना के तहत पटना जिले के दो प्रमंडलों में 250 चापाकल लगाने की योजना मंजूर की गई है।

पटना पूर्वी और पटना पश्चिमी प्रमंडल में 125-125 चापाकल लगाए जाएंगे। जबकि पेयजल संकट से जूझ रहे गया प्रमंडल को 225 चापाकल लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर प्रमंडलों में 200-200 चापाकल लगाए जाने हैं। नवादा में 175 और हिलसा, सासाराम, औरंगाबाद, भभुआ, भागलपुर पूर्वी, बांका, मुंगेर, जमुई, शेखपुरा तथा लखीसराय प्रमंडलों में 150-150 चापाकल लगाने की योजना मंजूर की गई है।

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