55 डीडीअाे ने नहीं जमा किया ब्याेरा, वेतन रुका
गाेराडीह बीडीअाे प्रभात केसी के स्पष्टीकरण पर ग्रामीण विकास विभाग ने डीएम से मंतव्य मांगा है। इसकाे लेकर विभाग के विशेष सचिव राहुल रंजन महिवाल ने डीएम काे पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 8 नवंबर 2019 काे पत्र भेजा गया था। इसमें गाेराडीह के बीडीअाे के स्पष्टीकरण पर मंतव्य मांगा गया था। लेकिन अब तक नहीं मिला है। इसलिए गाेराडीह बीडीअाे के स्पष्टीकरण पर अपना मंतव्य 15 दिनाें के अंदर उपलब्ध कराया जाए, ताकि अागे की कार्रवार्इ की जा सके। बता दें कि गाेराडीह बीडीअाे के खिलाफ मुख्यमंत्री सात निश्चय याेजना में गड़बड़ी काे लेकर शिकायत की गर्इ थी। इस मामले में अाराेप पत्र भी गठित किया गया है। इसी कड़ी में बीडीअाे ने अपना जवाब भेजा था, जिस पर मंतव्य मांगा जा रहा है।
गाेराडीह बीडीअाे के शाेकाॅज परविभाग ने डीएम से मांगा मंतव्य
सिटी रिपाेर्टर|भागलपुर
फरवरी का वेतन राेकने के बाद भी जिले के 55 डीडीअाे अाैर दाे पीएसयू ने चल-अचल संपत्ति का ब्याेरा जमा नहीं किया है। इसकाे लेकर जिला अार्इटी प्रबंधक ने जिला स्थापना शाखा के प्रभारी पदाधिकारी काे पत्र के माध्यम से जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2019-20 में पदाधिकारियाें व कर्मियाें के चल-अचल संपत्ति व दायित्वाें की विवरणी साॅफ्टवेयर में अपलाेड के लिए 28 फरवरी तक डीएम कार्यालय काे उपलब्ध कराना जाना है। लेकिन 55 डीडीअाे व दाे पीएसयू की अाेर से चल-अचल संपत्ति की रिपाेर्ट नहीं मिली है। इसकाे लेकर फिर से जिला स्थापना शाखा की अाेर से ट्रेजरी अफसर काे पत्र भेजा जा रहा है कि जब तक वेलाेग चल-अचल संपत्ति जमा करने का प्रमाण पत्र नहीं दें, तब तक उनलाेगाें का वेतन रुका रहेगा। कृषि विभाग, श्रम संसाधन, पीएचर्इडी, पंचायती राज, राजस्व व भूमि सुधार, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, उद्याेग, पर्यावरण व वन विभाग, समाज कल्याण विभाग, परिवहन समेत कर्इ विभागाें के डीडीअाे शामिल हैं। इसके अलावा बिहार स्टेट फूड एंड सिविल, अापूर्ति निगम की अाेर से भी चल-अचल संपत्ति का ब्याेरा नहीं दिया गया है। इन विभागाें के डेढ़ हजार से अधिक अफसर व कर्मियाें के वेतन काे राेका गया है।