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DNA से हुई ICAS अफसर की पहचान, हरिद्वार में आज होगा अंतिम संस्कार

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम रविवार को तीन सदस्यीय मेडिकल टीम ने की।

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 04:15 AM IST

सुपौल. HRD मिनिस्ट्री में तैनात ICAS अफसर जितेंद्र कुमार झा के शव की रविवार को DNA से पहचान हो गई। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम रविवार को तीन सदस्यीय मेडिकल टीम ने की। दिन के करीब 12 बजे शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद डीएनए टेस्ट भी किया गया और फिर पहचान होने पर डेडबॉडी फैमिली को सौंप दी गई।


जितेंद्र के मामा रणधीर कुमार झा ने बताया कि सोमवार को जितेंद्र का अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया जाएगा। उनका आठ साल का बेटा आदित्य उन्हें मुखाग्नि देगा। जितेंद्र की जुड़वा संतान हैं। इनमें बेटा आदित्य और बेटी आशी हैं। देर शाम समग्र ब्राह्मण महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल भी जितेंद्र के घर पहुंचा और परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सभा ने आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रतिनिधिमंडल में महासभा के प्रधान महासचिव मनोज पाठक, सुभाष झा, शक्तिनाथ झा सहित अन्य लोग मौजूद थे। गौरतलब है कि रविवार को जितेंद्र 11 नवंबर से ही लापता थे। पत्नी भावना ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी।

पूरा परिवार दिल्ली में, गांव में है मां


बेटे की गुमशुदगी की सूचना पर जितेंद्र के पिता दर्पनारायण झा गुरुवार से ही दिल्ली में हैं, जबकि मां विमला देवी बभनगामा स्थित गांव में है। इसके अलावा बड़े भाई अमरेंद्र कुमार झा तथा छोटा भाई राजेंद्र कुमार झा सहित जितेंद्र का पूरा परिवार भी फिलहाल दिल्ली में ही है। मां विमला देवी अभी तक इस बात को नहीं पचा पा रही है कि बेटा जितेंद्र अब उनके पास कभी वापस नहीं लौटेगा। वह अपने बेटे की शादी की वर्ष 2006 की ही तस्वीर को बार-बार निहारती है और उसके आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।

11 दिसंबर को मॉर्निंग वॉक पर निकले थे जितेंद्र

ICAS ((इंडियन सिविल एकाउंट सर्विस)) ऑफिसर जीतेंद्र झा का शव शुक्रवार को दिल्ली कैंट के पास स्थित रेलवे ट्रैक से मिला था। जीतेंद्र 11 दिसंबर को अपने घर से वॉक के लिए निकले थे। इसके बाद से इनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। जीतेंद्र झा 1998 बैच की ICAS ऑफिसर थे। वह दिल्ली स्थित मंत्रालय में वे एचआरडी विभाग में पोस्टेड थे। रेल पुलिस ने 14 दिसंबर को फोन कर जीतेंद्र के परिजनों को बताया कि उनके बड़े भाई ने सुसाइड कर लिया है। दिल्ली के पालम रेलवे ट्रैक से उनकी लाश मिली थी।

टुकड़ों में मिला शव, कपड़े सही सलामत

जीतेंद्र झा के भाई ने कहा कि शव 5 टुकड़ों में मिला था, लेकिन उनके कपड़े सही सलामत थे। शव के टुकड़े हो जाएं और कपड़े सही सलामत रहें यह कैसे संभव है। पुलिस को लाश 11 दिसंबर को मिली थी और इसकी सूचना हमें 14 दिसंबर को दी। रेल पुलिस ने आखिर क्यों पहले हमें इसकी सूचना नहीं दी? जीतेंद्र के भाई ने कहा कि पुलिस को जीतेंद्र की बॉडी पूरी तरह से नग्न मिली थी। जीतेंद्र का कपड़े 14 दिसंबर को द्वारका पुलिस को मिले। इससे साफ है कि अपहरण करने के बाद जीतेंद्र की हत्या की गई है।