विराेध, अाराेप-प्रत्याराेप अाैर समझाैते के बीच ठप रहा प्रशासनिक कामकाज
एसअाे किरण कुमारी द्वारा टीएमबीयू के रजिस्ट्रार अरुण कुमार सिंह पर दुर्व्यवहार करने के लगाए गए अाराेप पर भड़के कर्मचारियाें ने गुरुवार काे प्रशासनिक भवन का काम-काज ठप कर दिया। इस विराेध, अाराेप-प्रत्याराेप अाैर समझाैते के बीच पूरे दिन काम ठप रहा। एसअाे ने 7 मार्च काे रजिस्ट्रार पर दुर्व्यवहार करने का अाराेप लगाते हुए कहा था कि वह बार-बार एेसा करते हैं, जिससे वह हृदय राेगी हाे गई हैं। लेकिन तब प्रभारी कुलपति प्राे. एके राय के मुख्यालय से बाहर रहने अाैर बाद में हाेली की छुट्टी के कारण अाराेप पर काेई बात नहीं हाे सकी थी। गुरुवार काे प्रशासनिक कार्यालय खुलने पर कर्मचारी अपने संघ के सचिव रंजीत कुमार के नेतृत्व में प्रभारी कुलपति से मिले अाैर रजिस्ट्रार पर कार्रवाई की मांग करने लगे। कर्मचारी नेता का कहना था कि रजिस्ट्रार पर कर्मचारियाें से दुर्व्यवहार करने के अाराेप बार-बार लगते रहते हैं। इसलिए रजिस्ट्रार के हटने पर ही कर्मचारी काम पर लाैटेंगे। इस पर प्राे. राय ने रजिस्ट्रार काे भी पक्ष रखने के लिए बुलाया। रजिस्ट्रार दलील दे रहे थे कि उन्हाेंने एसअाे किरण कुमारी काे यही कहा था कि उनके कार्यालय में पत्र रिसीव करने वाला कर्मचारी छुट्टी पर है, ताे पत्र रिसीव करने का काम रजिस्ट्रार का नहीं है। उन्हाेंने प्रभारी कुलपति से कहा कि क्या रजिस्ट्रार कर्मचारी काे काम करने के लिए नहीं कह सकता? इस पर रंजीत कुमार ने कहा कि रजिस्ट्रार का तरीका अपमानित करने वाला हाेता है। इस बीच वहीं माैजूद कर्मचारी गिरधारी ने रजिस्ट्रार पर काॅपी बिक्री मामले में अपशब्द कहने का अाराेप लगाया, जिसे रजिस्ट्रार नकारते रहे।
प्रभारी कुलपति ने कहा, रजिस्ट्रार काे एक माैका दें इस पर मान गए कर्मचारी
प्राे. राय ने कर्मचारियाें से कहा कि रजिस्ट्रार काम करने के लिए ताे कहेंगे ही। लेकिन कर्मचारी नेता ने कहा कि रजिस्ट्रार ने एेसा कई बार किया है अाैर 4-5 पीड़ित कर्मचारी लिखकर देने काे तैयार हैं। कहासुनी के बाद प्रभारी कुलपति ने कर्मचारियाें से कहा कि रजिस्ट्रार काे एक माैका दें। कर्मचारियाें ने अापस में वार्ता की अाैर तय किया कि रजिस्ट्रार ने भविष्य में एेसा किया ताे वे लाेग तब तक काम ठप रखेंगे, जब तक रजिस्ट्रार काे हटा नहीं दिया जाएगा।