अाेएमअार की कार्बन काॅपी दी नहीं और अब मूल्यांकन कम्प्यूटर की जगह हाथों से हो रहा
टीएमबीयू में पीएचडी एडमिशन टेस्ट के मूल्यांकन काे लेकर सवाल उठने लगे हैं। सवाल पहले पेपर के मूल्यांकन काे लेकर उठाया जा रहा है, क्याेंकि इस पेपर की परीक्षा अाेएमअार शीट पर ली गई थी, लेकिन मूल्यांकन कंप्यूटर की जगह हाथ से कराया जा रहा है। टीएमबीयू प्रशासन ने मूल्यांकन की गाेपनीयता भी बनाए नहीं रखी, जिस वजह से कई छात्राें काे पता चल गया कि मूल्यांकन हाे कैसे रहा है। दरअसल पेपर का मूल्यांकन सीसीडीसी कार्यालय में ही कराया जा रहा है अाैर कुछ छात्र नेता सहित कुछ छात्र जाने-अनजाने सीसीडीसी कार्यालय में चले गए थे, जहां इन्हाेंने अाेएमअार शीट पर हाथ से मूल्यांकन हाेते देखा।
अब छात्र कह रहे हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के समय अाेएमअार शीट की कार्बन काॅपी नहीं दी थी और मूल्यांकन भी हाथ से कराया जा रहा है। हाथ से मूल्यांकन कर रहे शिक्षक केवल यह देख रहे हैं कि उत्तर सही दिया गया या गलत। लेकिन कंप्यूटर से जांच हाेती, ताे यह भी पता चलता कि अाेएमअार शीट पर छात्राें ने गाेले ठीक से भरे थे या नहीं अाैर इससे जुड़ी तकनीकी चीजें भी पकड़ में अातीं। अगर इसकी जांच नहीं हाे रही है ताे अाेएमअार शीट पर परीक्षा लेने की जरूरत क्या थी?...।
इधर, इस मामले में उठ रहे सवालाें पर टीएमबीयू प्रशासन ने किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हाेने की बात कही है। पीअारअाे डाॅ. एसडी झा ने कहा कि अाेएमअार शीट का मूल्यांकन कंप्यूटर से कराना या हाथ से कराना तकनीकी पक्ष है। लेकिन जहां तक हाथ से मूल्यांकन में ठीक से जांच नहीं हाेने का सवाल है, ताे छात्र निश्चिंत रहें, काेई गड़बड़ी नहीं हाेगी।
अाेएमअार का मूल्यांकन कंप्यूटर से ही हाेना चाहिए
कंप्यूटर से मूल्यांकन हाे तभी अाेएमअार शीट पर परीक्षा लेनी चाहिए। कंप्यूटर में अाेएमअार से जुड़ा साॅफ्टवेयर रहता है, जाे खानाें या गाेलाें की पेंसिल से की गई गहराई, हल्की गहराई, पूरे गाेले या अधूरे गाेले काे पढ़ता या रिकाॅर्ड करता है। अगर कंप्यूटर का उपयाेग नहीं किया जाए ताे ये तकनीकी चीजें नहीं पकड़ी जा सकती हैं। अाेएमअार पर परीक्षा लेने का काेई मतलब नहीं रह जाता है।
केके सिन्हा, सिटी काे-अाॅर्डिनेटर, सीबीएसई