सर्दी-सिरदर्द और बुखार की दवा नहीं मिलने से गुस्साए मरीज, जताया व्यवस्था पर रोष
शुक्रवार को सर्दी-सिरदर्द और बुखार का इलाज कराने रेफरल अस्पताल पहुंचे तीन युवक मरीज उस समय गुस्से में आ गए, जब उन्हें अस्पताल के डाॅक्टर की लिखी गई दवा, वितरण काउंटर नहीं मिली। मरीज मिर्जागांव के राजा कुमार, बादल कुमार व दिलगौरी मोहल्ले के राहुल कुमार ने बताया कि रेफरल अस्पताल में पुर्जे पर लिखी दवाई उन्हें दवा काउंटर पर बाजार से खरीदने की सलाह दी गई। मेरे पास पैसा होता तो इलाज कराने प्राइवेट अस्पताल में चले जाते, न कि सरकारी अस्पताल आते। इधर दवा वितरण काउंटर पर मौजूद कर्मी ने बताया कि यहां जो भी दवा उपलब्ध है, उसकी सूची डाॅक्टर को दी गई है। अस्पताल में पैरासिटामोल, सेट्रीजीन, गैस की दवा, जख्म में लगाने दी जाने वाली मरहम उपलब्ध नहीं है। उक्त दवा की डिमांड स्टोर से की गई है। स्टोर कर्मी की मानें तो उक्त दवा स्टोर रूम में भी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि रेफरल अस्पताल जहां एमबीबीएस डाॅक्टर की कमी से जूझ रहा है, वहीं आवश्यक दवा की कमी रहने से यहां मरीजों का इलाज भगवान भरोसे ही हो रहा है।