अररिया / 5 प्रखंडों में बाढ़, मुख्यालय से 2 का संपर्क टूटा; डूबने से अब तक 5 लोगों की मौत



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  • सामुदायिक भवन और मंदिरों में शरण ले रहे हैं बाढ़ पीड़ित, अररिया कुर्साकांटा मार्ग पर बोची रामपुर के निकट बने डायवर्सन ध्वस्त 
  • 3 दिन बीत जाने के बाद भी कहीं शुरू नहीं हो पाया राहत कैंप, रेलवे पटरियों के किनारे ले रहे शरण

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 12:32 PM IST

अररिया. नेपाल में लगातार हो रही बारिश से जिले की नदियों का तांडव लगातार जारी है। परमान, बकरा, नूना, भलुआ आदि नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बढ़ रहा है। बाढ़ की चपेट में पांच प्रखंड हैं इसमें सिकटी व कुर्साकांटा का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। जिले में डूबने से अब तक से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश करने से 3 दिन बीत जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक राहत सामग्री मुहैया नहीं हो पाई है। हालांकि, डीएम ने जिले के 6 प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल पदाधिकारी को पत्र लिखकर अविलंब बाढ़ प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण कर राहत कैंप तक पहुंचा कर शिविर चलाने का निर्देश दिया है।

 

शनिवार को सिकटी प्रखण्ड क्षेत्र के कौआकोह पंचायत में डूबने से एक 55 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गयी है। इससे पहले शुक्रवार को अररिया के महिषाकोल में, पलासी के चौड़ी में और जोकीहाट में डूबने से एक-एक बच्चे की मौत हो चुकी है। अररिया मुख्यालय से कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी और जोकीहाट जाना दूभर हो गया है। अररिया- कुर्साकांटा मार्ग में बोची रामपुर के निकट निर्माणाधीन पुल के लिए बनाए गए डायवर्सन शनिवार दोपहर पानी के तेज बहाव में कट गया। इस वजह से वहां आवागमन बाधित हो गया है। जबकि रामपुर जाने के लिए विकल्प मार्ग त्रिसुलिया घाट होकर तीयर टोला कल्वर्ट पर 3 फीट पानी बहने से भी आवागमन बंद हो गया है। सदर एसडीओ रोजी कुमारी ने स्थिति का जायजा लिया।

 

पलायन शुरू, ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे ग्रामीण
जिले के अररिया प्रखंड, जोकीहाट, सिकटी, पलासी और कुर्साकाटा के लगभग डेढ़ सौ स्कूलों में भी पानी घुस जाने से लोगों को ऊंचे स्थान तलाशने में परेशानी हो रही है। जोकीहाट जाने के लिए विकल्प मार्ग फटकी चौक के रास्ते फटकी चौक के निकट पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। बोची रामपुर के पास डायवर्सन को बचाने का निर्देश प्रशासन ने पहले ही संबंधित तकनीकी विभाग के अधिकारी को दिया था। बावजूद तकनीकी विभाग के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जिस वजह से डायवर्सन कट गया और कुर्साकांटा, सिकटी का सम्पर्क जिला मुख्यालय से भंग हो गया। हालांकि घटना की सूचना मिलते ही बैरगाछी ओपी के थानेदार किंग कुंदन ने पहुंचकर मामले की जानकारी ली।

 

इधर बाढ़ की स्थिति बिगड़ती देख डीएम बैद्यनाथ यादव ने सभी बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ, पर्यवेक्षीय पदाधिकारी, पंचायत सचिव और राजस्व कर्मचारियों को बगैर अनुमति लिए बगैर मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दिया है। यही नहीं सिकटी में गंभीर हालत को देखते हुए डीएम ने जिला योजना पदाधिकारी विनोद कुमार को राहत कैंप चलाने के लिए वरीय प्रभारी पदाधिकारी बनाया है।

 

सिकटी में बाढ़ ने विकराल रूप धारण किया, कई घरों में घुसा पानी
सिकटी प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का विकराल रूप धारण कर लिया है। प्रखंड क्षेत्र के कोल्हुआ, बेलवाड़ी, रामनगर, पोठिया, परड़ियाघाट, खबदह, सिंधिया, सैदाबाद इलाकों की स्थिति अधिक चिंताजनक है। रामनगर गांव के दर्जनों घरों में पानी घुस गया है। इसके अलावा पोठिया में भी स्थिति भयावह बनती जा रही है। अररिया प्रखण्ड क्षेत्र जमुआ से सटे फुलवाड़ी गांव का अस्तित्व खतरे में है। फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के भी लगभग 10 पंचायत बाढ़ प्रभावित श्रेणी में आ गए हैं। जबकि जोगबनी शहर के से सटे कई इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। 

 

बाढ़ प्रभावित लोग अब नवनिर्मित इंडो नेपाल रेल लाइन के किनारे शरण लेने लगे हैं। जोगबनी में रेल पुल के निकट बने सुरक्षा बांध में पानी के दबाव के कारण दरार आ गया है। जोकीहाट के बीईओ ने आदेश जारी कर कहा है कि जिन विद्यालयों में बाढ़ प्रभावित लोग रह रहे हैं उनके लिए संबंधित हेडमास्टर राहत कैंप की व्यवस्था करेंगे और सभी प्रभावित परिवारों का नाम पंजी में दर्ज करेंगे। कैंप चलाने के लिए राशि संबंधित अंचल के अंचल अधिकारी से लिया जा सकता है। अररिया प्रखण्ड क्षेत्र का ऐतिहासिक मदनपुर मन्दिर में लगभग 6 फीट हो गया है। अब सिर्फ मन्दिर का छत ही दिखाई दे रहा है। मदनपुर बाजार में हालत काबू से बाहर होते जा रहे हैं। फारबिसगंज के रमई, घोड़ाघाट में भी स्थिति विकराल है। डीएम बैद्यनाथ यादव ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पल-पल नजर है।

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