संपत्तियों को बेचने में बीओबी का छूट रहा पसीना, खरीदार उठा रहे सवाल, डीआरटी केस डिस्पोजल का ऑर्डर दिखाएं

Bhagalpur News - सृजन में राशि ट्रांसफर करने में संलिप्तता व लापरवाही का है अाराेप सृजन घाेटाला में भागलपुर सेंट्रल...

Feb 20, 2020, 06:56 AM IST

{सृजन में राशि ट्रांसफर करने में संलिप्तता व लापरवाही का है अाराेप

सृजन घाेटाला में भागलपुर सेंट्रल काे-अाॅपरेटिव बैंक से 48 कराेड़ रुपए की हेराफेरी मामले में सीबीअार्इ ने वहां के अफसर व कर्मियाें पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कानूनी कार्रवाई करने के लिए सीबीअार्इ ने पांच बैंककर्मियाें के खिलाफ अभियाेजन स्वीकृति की मांग जिला सहकारिता विभाग से की थी, जिसे सीबीअाई काे भेज दिया गया है। ये चाराें बैंककर्मी सेवानिवृत्त हाे चुके हैं। इनमें से दाे शाखा प्रबंधक अाैर प्रबंधक लेखा के अलावा दाे कर्मी भी शामिल हैं। इन सबके खिलाफ सीबीअार्इ ने चार्जशीट दायर कर दी है। इन सब पर अाराेप है कि इन लाेगाें ने सही ढंग से निगरानी नहीं की। बैंक अाॅफ बड़ाैदा अाैर इंडियन बैंक से राशि की हेराफेरी कर सृजन महिला विकास सहयाेग समिति में ट्रांसफर करने के खेल में ये लाेग भी शामिल पाए गए हैं। इनमें से चार के खिलाफ अभियाेजन स्वीकृति भेज दी गर्इ है। एक बैंककर्मी के खिलाफ अभी अभियाेजन स्वीकृति के लिए फाइलाें का अध्ययन किया जा रहा है। संभावना जतार्इ जा रही है कि सप्ताहभर के अंदर उसके खिलाफ भी अभियाेजन की स्वीकृति भेज दी जाएगी। सीबीअार्इ जल्द ही उनलाेगाें के खिलाफ कार्रवार्इ कर सकती है।

पूर्व नाजिर अरुण कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की सुनवाई 6 काे होगी

दूसरी तरफ डीअारडीए के पूर्व व निलंबित नाजिर अरुण कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू हाे गर्इ है। इस मामले में छह मार्च काे सुनवार्इ हाेगी। इसके लिए अरुण कुमार काे भी नाेटिस भेजकर पक्ष रखने के िलए कहा गया है। बता दें कि अरुण कुमार पर अाराेप है कि उसने बैंक अाॅफ बड़ाैदा में डीडीसी के खाते में चेक नहीं जमा करके सृजन महिला विकास सहयाेग समिति के इंडियन बैंक के खाते में जमा कर दिया। विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए एडीएम (विभागीय जांच) मनाेज कुमार काे संचालन पदाधिकारी अाैर डीअारडीए के डायरेक्टर प्रमाेद कुमार पांडे काे प्रस्तुतिकरण पदाधिकारी बनाया गया है।

एक-दो दिन में बिड खुलेगा, संपत्ति बेच एनपीए खाता जीरो होगा

कुछ खरीदारों ने बताया कि अब तक बैंक यह स्पष्ट नहीं कर रहा है कि एनवी राजू के डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) केस का अब तक फाइनल स्टेटस क्या है? बैंक सिर्फ इतना कह रहा है कि डीअारटी में राजू की अर्जी खारिज हो गई है, लेकिन कोई कागज नहीं दिखाया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में कोई लफड़ा ना हो, इसलिए फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। इधर, राजू की संपत्ति बेचने की अधिकृत एजेंसी ऋषभराज नंदिनी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर केशव झा ने बताया कि तीनाें संपत्तियों के खरीदार तैयार हो गए हैं। कुछ ने एडवांस भी जमा करा दिया है। एक-दो दिन में बीड खुलेगा और सबसे ज्यादा बोली लगानेवालों को राजू की संपत्ति बेच दी जाएगी। राजू की संपत्ति बिक्री से मिली रकम उसके एनपीए खाता में एडजस्ट किया जाएगा।

डीआरटी में केस पेंडिंग, संपत्ति जब्त करना कानूनन गलत : राजू

बैंक की कार्रवाई को लेकर एनवी राजू खफा है। उनका कहना है कि भागलपुर में बैंक अफसरों ने उनकी संपत्ति बेचने के एवज में मिले पांच प्रतिशत कमीशन पाने के लिए जल्दबाजी में नियम कानून को ताक पर रखा है। उनका केस डीआरटी में चल रहा है। 15 फरवरी को तारीख पर अंतिम बहस भी हो चुकी है। आदेश पर रिकाॅर्ड रखा गया है। ऐसे में यदि उनके पक्ष में फैसला आता है तो वे बिकी संपत्ति वापस पाने के लिए बैंक अफसरों पर केस करेंगे।

काे-अाॅपरेटिव बैंक के चार कर्मियाें के खिलाफ अभियाेजन की स्वीकृति सीबीअाई को भेजी गई

मुख्यालय का लोकल अफसरों पर दबाव, जल्द सेल करें संपत्ति

सिटी रिपोर्टर | भागलपुर

सृजन घोटाले में चार्जशीटेड कारोबारी एनवी राजू की जब्त संपत्तियों को बेचने में बैंक ऑफ बड़ौदा का पसीना छूट रहा है। आधिकारिक तौर पर इन तीनों संपत्तियों को खरीदने के लिए कोई भी सामने नहीं आ रहा है। दरअसल, ई-टेंडर में जिन्होंने बीड दाखिल किया था। उन्हें अब तक मार्जिन मनी जमा करने के लिए लिखित आदेश बैंक से नहीं मिला है। संपत्तियों की बिक्री जल्द हो, इसको लेकर बैंक प्रेशर बनाने के लिए इच्छुक लोगों को जल्द मार्जिन मनी जमा करने को कह रही है। बैंक के साथ समस्या यह है कि मुख्यालय हर हाल में 15 मार्च तक एनवी राजू का एनपीए एकाउंट जीरो करने का अल्टीमेटम दे रखा है।

18.28 लाख में 2011 में अंगिका विहार में फ्लैट खरीदा था राजू ने

इधर, बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की घंटाघर शाखा में एनवी राजू के अंगिका विहार स्थित प्रॉपर्टी नीलामी के लिए फाइल खोली गई। अंगिका विहार का फ्लैट राजू ने 29 दिसंबर 2011 को खरीदा था। उस समय इस फ्लैट के एवज में 19.10 लाख रुपए खर्च हुआ था। 1724 स्क्वायर में इस फ्लैट को 18.28 लाख में एनवी राजू ने खुद के नाम से खरीदा था। 82 हजार रुपए रजिस्ट्री चार्ज में खर्च हुए थे। एक-दो दिन में बैंक उस फ्लैट पर 13 (4) का नोटिस चस्पा करेगा। उसके बाद डीएम से परमिशन लेकर एसएसपी और एसडीएम के यहां मजिस्ट्रेट व सुरक्षाबलों की फीस जमा कराकर जब्त किया जाएगा।

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