चार बार रद्द हुआ कैंसर टर्शियरी सेंटर का नक्शा, फिर से बनेगा
मेडिकल काॅलेज अस्पताल के पांच एकड़ जमीन में 45 कराेड़ से बनने वाले कैंसर टर्शियरी सेंटर का नक्शा चार बार एटाॅमिक एनर्जी रेगुलेटरी बाेर्ड से खारिज हाेने के बाद अब पांचवीं बार बनवाया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने टेंडर से एजेंसियाें काे अामंत्रित किया है। 15 दिन में इसकी प्रक्रिया अावेदन जमा हाेने के बाद शुरू हाेगी। बिहार सर्विस मेडिकल काॅरपाेरेशन के बनाए नक्शे में हर बार तकनीकी खामियां बता कैंसिल किया जाता रहा है। इससे सेंटर का निर्माण कार्य अटका है। नक्शा पास हाेने के बाद बिल्डिंग बनेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के लाेकसभा क्षेत्र बक्सर में पिछले महीने कैंसर डिटेक्सन सेंटर का उद्घाटन खुद मंत्री अश्विनी चाैबे ने किया। भागलपुर में तीन साल से प्लान चल रहा है, लेकिन तकनीकी कारणों से यह शुरू नहीं हो रहा। कैंसर मरीजाें का फिलहाल यहां इलाज नहीं हाेता है। सिर्फ अाेपीडी में गायनी से हर माह 300-400 कैंसर मरीजाें काे दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इसमें अाधे से अधिक मरीज दूसरे बड़े अस्पतालाें तक जा भी नहीं पा रहे। जबकि इस अस्पताल में बिहार-झारखंड के करीब 15 जिलाें के मरीज इलाज कराने अाते हैं। अधीक्षक डॉ. अारसी मंडल हमने चार बार नक्शा बनवाकर भेजा, हर बार रद्द हो गया। इसलिए अब टेंडर जारी किए गए हैं। जो भी कैंसर हाॅस्पिटल बनाने का कार्य करने वाली एजेंसी हाेगी, वह इसमें शामिल हाे सकती है।