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अवसान / सिर्फ यादों में रहेंगी भागलपुर की चंपा दीदी, अब कोई नहीं सुन पाएगा- ‘सब्भै क चंपा के नमस्कार’

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 03:35 AM IST


champa didi passes away
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champa didi passes away

  • बेंगलुरु में निधन, ब्रेन ट्यूमर से थीं पीड़ित, 28 साल से आकाशवाणी से जुड़ी थीं

भागलपुर. भागलपुर की चंपा दीदी यानी सांत्वना साह अब सिर्फ स्मृतियों में रहेंगी। अब लोगों को उनकी आवाज सुनने को नहीं मिल पाएगी। आकाशवाणी की सीनियर अनाउंसर कंपीयर सांत्वना साह का निधन गुरुवार को बेंगलुरु में हो गया। वे ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थीं। बीते अप्रैल से बेंगलुरु के प्रतिष्ठित अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

 

चंपा दीदी 28 वर्ष से आकाशवाणी भागलपुर के ग्राम जगत कार्यक्रम के जरिए पूरे अंग प्रदेश में लोकप्रिय थीं। वह लोक गायिका व साहित्यकार भी थीं। उन्होंने दो किताबें भी लिखी हैं। निधन की सूचना मिलने पर श्रोताओं के साथ बुद्धिजीवी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और कला साहित्य के क्षेत्र से जुड़े लोग स्तब्ध हो गए। 1994 में चंपा दीदी का कार्यक्रम बिहार-झारखंड के टॉप कार्यक्रम का खिताब हासिल कर चुका था।

 

अंगिका भाषा में जब ये कार्यक्रम में...सब्भै क चंपा के नमस्कार कहतीं तो एकाएक सभी श्रोता रेडियो से चिपक जाते थे। 1990 से रोज शाम 6 बजे आकाशवाणी भागलपुर से प्रसारित कार्यक्रम ग्राम जगत के जरिए वे लाखों श्रोताओं से रूबरू होती थीं। इसके अलावा वे अंग दर्पण और गूंजे बिहार कार्यक्रम भी करती थीं। 

 

सात अप्रैल को आकाशवाणी से दिया था अंतिम कार्यक्रम  : निधन की खबर मिलने के बाद आकाशवाणी भागलपुर में कई कलाकारों की आंखें नम हो गईं। सांत्वना साह 13 दिसंबर, 1990 से यहां कार्यरत थीं। उनका मायका पटल बाबू रोड में था और ससुराल असरगंज के मकबा नाम के गांव में था। पति शिवशंकर सहाय का देहांत 13 जून, 2017 को हो गया था। वह अपने परिवार में बेटे को छोड़ गई हैं। उन्होंने अंतिम कार्यक्रम 7 अप्रैल को दिया था। 8 और 9 अप्रैल को उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत की मगर बीमारी की वजह से नमस्कार के अलावा कुछ बोल नहीं पाईं।

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