विज्ञापन

मुठभेड़ में 'सिंघम' शहीद: बेटी को सीने से लगाकर पत्नी रोते हुए बोली- SP एक दिन भी उन्हें नहीं देती थीं छुट्‌टी, दबाव डालकर थाने बुला लेती थीं; अब किसके सहारे जिऊंगी मैं

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 11:36 AM IST

खगड़िया जिले के दुधैला दियार में अपराधी-पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में परसाहा के थानेदार की गोली लगने से मौत हो गई।

घटना की खबर लगते ही शहीद की पत्नी ने अपना सिर फोड़ लिया। फिर बच्चों को सीने से लगाकर घंटों रोती रही। घटना की खबर लगते ही शहीद की पत्नी ने अपना सिर फोड़ लिया। फिर बच्चों को सीने से लगाकर घंटों रोती रही।
  • comment

सुशांत कुमार/रितेश कुमार, खगड़िया. शुक्रवार देर रात बदमाशों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा आशीष कुमार सिंह के परिजनों के सवालों से प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट रहे थे। शहीद की पत्नी एडीजी (लॉ एंड आर्डर) आलोक राज के सामने बार-बार कह रही थी, मुझे भी गोली मार दीजिए। पति की मौत के सदमें में सरिता देवी खुद पर काबू नहीं रख पा रही थी। रो-रोकर पत्नी ने कहा, एसपी उनके पति पर दबाव डालकर उन्हें छुट्टी से वापस बुला लेती थीं।उन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती थी। पूछने पर कहते थे- तो क्या सरकार घर बैठने के लिए तन्ख्वाह देती है। अब पूरा जीवन उनके बगैर कैसे जी पाउंगी।

नाराज थीं शहीद की सास
- शहीद की सास ने भी पुलिस कप्तान के रवैये पर सवाल खड़ा किया है। एसपी मीनु कुमारी का आना और पांच मिनट के अंदर चले जाना। इससे शहीद के परिजन नाराज हो गए।

- वहीं गमगीन माहौल में शहीद के दोनों मासूम बच्चे आश्चर्यचकित अवस्था में मां को निहार रहे थे। शहीद आशीष के भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस केंद्र में शहीद पसराहा दरोगा आशीष कुमार सिंह को सीनियर पुलिस अधिकारियों द्वारा सलामी दी गई। वहीं, सूबेदार रामांनुज चौधरी के नेतृत्व में जवानों ने राईफल झुकाकर सलामी दी।

- इस दौरान एडीजे लॉ एंड ऑर्डर आलोक राज, डीआईजी सुशील खोपड़े, डीएम अनिरुद्ध कुमार, एसपी मीनू कुमारी, ने माला चढ़ाकर शहीद को श्रृंद्धाजलि दी। पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाने के दौरान पुलिस केंद्र में मौजूद पुलिस वालों से लेकर स्थानीयों ने आशीष सिंह अमर रहे का नारा लगाकर उन्हें आखिरी विदाई दी।

गोली लगने के बावजूद अंतिम सांस तक डटा रहा दरोगा
- शहीद पसराहा थाना प्रभारी आशीष कुमार को सूचना मिली थी दुधैला दियार में कुख्यात दिनेश मुनि गिरोह के सदस्य एक बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से पहुंचे हैं।
- दरोगा फौरन पुलिस बल के साथ अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए निकल पड़े। लेकिन अपराधियों को उनके आने की भनक लग गई। जैसे ही मौके पर पुलिस बल पहुंची, अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिया।
- मुठभेड़ के दौरान अपराधियों की गोली दरोगा के पेट में लगी। लेकिन घायल होने के बाद भी दरोगा डटे रहे और एक को मार गिराया। उसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी आशीष 2009 बैच से थे। वे सहरसा जिले के बलवाह क्षेत्र के रहने वाले थे।

शहीद को श्रद्धांजलि देती एसपी मीनू कुमारी। शहीद को श्रद्धांजलि देती एसपी मीनू कुमारी।
  • comment
शहीद थाना प्रभारी आशीष कुमार सिंह शहीद थाना प्रभारी आशीष कुमार सिंह
  • comment
X
घटना की खबर लगते ही शहीद की पत्नी ने अपना सिर फोड़ लिया। फिर बच्चों को सीने से लगाकर घंटों रोती रही।घटना की खबर लगते ही शहीद की पत्नी ने अपना सिर फोड़ लिया। फिर बच्चों को सीने से लगाकर घंटों रोती रही।
शहीद को श्रद्धांजलि देती एसपी मीनू कुमारी।शहीद को श्रद्धांजलि देती एसपी मीनू कुमारी।
शहीद थाना प्रभारी आशीष कुमार सिंहशहीद थाना प्रभारी आशीष कुमार सिंह
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें