• Hindi News
  • Bihar
  • Bhagalpur
  • Bhagalpur News drug inspectors kept pressing for seven days for raiding orders given chance for shopkeepers to escape

छापेमारी के आदेश काे ड्रग इंस्पेक्टरों ने सात दिन दबाए रखा, दुकानदारों को दिया बचने का मौका

Bhagalpur News - लोगों की जेब पर डाका डालने वाले दवा दुकानों पर ड्रग डिपार्टमेंट ने महज दिखावे की कार्रवाई की। असिस्टेंट ड्रग...

Bhaskar News Network

Jun 23, 2019, 06:45 AM IST
Bhagalpur News - drug inspectors kept pressing for seven days for raiding orders given chance for shopkeepers to escape
लोगों की जेब पर डाका डालने वाले दवा दुकानों पर ड्रग डिपार्टमेंट ने महज दिखावे की कार्रवाई की। असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के आयुष मेडिकल और श्री गणेश मेडिकल हॉल पर छापेमारी के आदेश के बाद भी ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने दोनों दुकानदारों को बचाव का पूरा मौका दिया। हफ्तेभर तक आदेश दबाकर रखा और दुकानदारों को अपनी व्यवस्था सुधारने का मौका भी दिया। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने उक्त दोनों दुकानों पर छापेमारी की। हालांकि इसमें भी कुछ गड़बड़ी सामने आई, लेकिन पत्ते से दवा काटकर बेचने के मामले में जिम्मेदारों ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही हिदायत ही दिए। नतीजा, ड्रग डिपार्टमेंट की मिलीभगत से पूरे शहर में दवा दुकानदारों की मनमर्जी चल रही है। ड्रग इंस्पेक्टरों की इस दिखावे की कार्रवाई की पोल खुली तो वे गोलमोल जवाब दे रहे हैं।

ड्रग डिपार्टमेंट को दो दुकानों की जांच में मिली मामूली गड़बड़ी

12 जून को मिला था छापेमारी का निर्देश, 20 काे कार्रवाई

दरअसल, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर प्रदीप कुमार ने पटल बाबू रोड स्थित आयुष मेडिकल और श्री गणेश मेडिकल पर छापेमारी के लिए इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सिन्हा को 12 जून को ही आदेश दिए थे। इसका पत्र भी उन्हें थमा दिया गया था। लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर सिन्हा ने इस आदेश के बाद कार्रवाई नहीं की। सूत्रों की माने तो दुकानदारों को अपनी दुकानों के स्टॉक मिलाने और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने का पूरा मौका भी दिया। ड्रग डिपार्टमेंट की दवा दुकानों से मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 12 जून को जारी आदेश के एक सप्ताह तक दुकानदारों को बचने का पूरा मौका दिया। अधिकांश गड़बड़ी दुरुस्त कर लेने के बाद जिम्मेदारों ने 20 जून को कार्रवाई की।

इतनी गड़बड़ी तो तकरीबन सभी दुकानों में

दवा दुकानदारों ने इस एक सप्ताह में अपनी गड़बड़ियों को तकरीबन दुरुस्त कर लिया। सामान्य रूप में तकरीबन सभी दुकानों में मौजूद होने वाली खामी ही छोड़ी। यही खामी 20 जून को दोपहर 1 बजे छापेमारी करने गई ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम को मिली। अमूमन 95 फीसद दुकानों में फार्मासिस्ट मौजूद नहीं रहते हैं। उक्त दोनों दुकानों में भी फार्मासिस्ट नहीं मिले। इतना ही नहीं, दोनों दुकानों में एक-एक दवा फ्रीज से बाहर मिली, जबकि प्रतिबंधित दवाइयों के बिल दुकानदार उपलब्ध नहीं करवा सके।

इन मामलाें पर कोई कार्रवाई नहीं की

ड्रग डिपार्टमेंट की टीम ने छापेमारी के दौरान यह भी नहीं देखा कि दुकानदार मरीजों की जरूरत के अनुसार दवा पत्ते से काटकर बेच रहे हैं या नहीं। इतना ही नहीं, डॉक्टर के प्रिस्क्रीप्सन के बिना ही दवा बेचने पर भी टीम ने न आपत्ति ली और न ही कार्रवाई की। इस बारे में दुकानदारों से कोई सवाल-जवाब तक नहीं किए गए।

सीधी बात

जितेंद्र कुमार सिन्हा, ड्रग इंस्पेक्टर


- हां


- दो दिन दफ्तर बंद था, इसलिए।


- पत्ते से दवा काटकर तो दुकानदार बेच सकते हैं।


- कुछ दवाइयों में दुकानदारों को थोड़ी परेशानी होती है, इसलिए कुछ दवाइयों में नहीं करते। बाकी कर रहे हैं।


- दोनों को नोटिस जाएगा। उनका लाइसेंस सस्पेंड होगा।

X
Bhagalpur News - drug inspectors kept pressing for seven days for raiding orders given chance for shopkeepers to escape
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना