बेमौसम बरसात से शहर बदरंग, नालियों का पानी सड़क पर, किसानी पड़ी फीकी
24 घंटे में हुई बारिश ने पांच साल का रिकाॅर्ड ताेड़ दिया है। पांच साल में पहली बार मार्च के दूसरे सप्ताह में 24 घंटे में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार रात से लगातार हो रही बारिश ने अधिकतम तापमान पांच अाैर न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट ला दी है। इस बारिश ने नगर निगम की एक बार फिर पोल खोल दी। पूरा शहर बदरंग हो गया। नालियों का पानी सड़कों पर फैल गया।
भोलानाथ व लोहिया पुल के पास सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। गिरधारी साह मार्केट के सामने बजबजाती गंदगी ने परेशानी दोगुनी कर दी। यहां लोहापट्टी के पास सड़क पर नाले का पानी फैल गया। इससे लोगों का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया। पानी निकासी न होने से करीब पचास से अधिक दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हुई। मोहल्ले व गलियाें में भी आवाजाही मुश्किल हो गई। इतना ही नहीं, बेमौसम बारिश से तिलहन फसलाें काे काफी नुकसान हुअा है।
किसानाें की बढ़ी परेशानी
पानी से खेती-किसानी भी प्रभावित हुआ है। रबी फसलों पर जबरदस्त प्रभाव रहा। फसलें खेतों में ही औंधे मुंह गिर गईं। आम व लीची के मंजर पर भी पानी का बुरा असर पड़ा है। मंजर झड़ने लगे हैं। कृषि वैज्ञानिकाें की मानें ताे ये बारिश तिलहन, गेहूं, दलहन समेत सभी रबी फसलाें के लिए नुकसानदायक है। अाम अाैर लीची के मंजर काे भी बारिश ने क्षति पहुंचाई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक विनाेद कुमार ने बताया कि ये बारिश तिलहन के लिए काफी नुकसानदायक है। चना में फूल अा गए हैं, सरसाें पक कर तैयार है। बारिश के बाद आम के मंजर गलकर गिरने लगेंगे।
टूटा पांच साल का रिकार्ड
24 घंटे में हुई बारिश ने पांच साल का रिकाॅर्ड ताेड़ा है। पांच वर्ष में पहली बार मार्च के दूसरे सप्ताह में 24 घंटे में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है। 2014 से अब तक सिर्फ 2017 में सबसे अधिक 3.2 एमएम बारिश हुई थी। बीएयू के माैसम वैज्ञानिक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि मार्च में इतनी बारिश नहीं हाेती है। 2014, 15,18 अाैर 19 में ताे 14 मार्च तक बारिश ही नहीं हुई। 2016 में केवल एक एमएम अाैर 14 में 3.2 एमएम बारिश हुई थी। शनिवार काे शहर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रहा। शुक्रवार काे अधिकतम 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री था।
अाज गरज के साथ फुहारेंमाैसम विभाग ने रविवार को बारिश कम हाेने की संभावना जताई है। हालांकि दोपहर 12 बजे तक गरज के हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। बूंदाबांदी के अासार है। पूरे सप्ताह हल्के बादल छाए रहेंगे।
पश्चिमी विक्षाेभ सक्रिय हाेने का है असर
पश्चिमी विक्षाेभ पंजाब अाैर उससे सटे इलाके में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इससे राजस्थान में टर्फ लाइन बन रही है। इस कारण ही भागलपुर सहित पूरे बिहार में गरज के साथ बारिश हाे रही है।
सफर से बचने लगे लोग
बारिश से कई ने यात्राएं रद्द कर दीं। कोरोना से एहतियातन बचाव के लिए भी ट्रेनों व बसों में कम लोग नजर आए। भागलपुर से खुलने वाली ट्रेनों की जनरल बोगी में आराम से सीट मिली। सरकारी बस डिपो और डिक्सन बस स्टैंड पर भीड़ कम रही। तिलकामांझी स्टैंड से खुलने वाली बसों में कम भीड़ रही। बेगूसराय से रोज चलने वाली 15 में शनिवार काे 6 बसें ही चलीं।
पांच वर्षाें में 14 मार्च तक इतनी हुई थी बारिश
2014 : 0 एमएम
2015 : 0 एमएम
2016 : 1 एमएम (13 मार्च काे 0.8 एमएम अाैर 14 मार्च काे 0.2 एमएम)
2017 : 3.2 (11 मार्च)
2018 : 0
मार्च के दूसरे सप्ताह में हुई 20 एमएम बारिश, पांच साल का टूटा रिकार्ड इससे पहले मार्च 2017 में सबसे अधिक हुई थी 3.2 एमएम बारिश
शनिवार को हुई बारिश में लोग बाजार में जरूरी काम के लिए निकले, काेरोना के डर से मास्क भी लगाया।