अपने घर लौट रहे बाढ़ पीड़ित, पड़ने लगे बीमार

Bhagalpur News - गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बाद बाढ़ का पानी उतरने लगा है। इसके बाद लोग अपने घरों में जाने लगे हैं। बाढ़ में खुले...

Oct 12, 2019, 08:35 AM IST
गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बाद बाढ़ का पानी उतरने लगा है। इसके बाद लोग अपने घरों में जाने लगे हैं। बाढ़ में खुले आसमान व बारिश पानी के बीच रहने व दूषित पानी पीने से लोग बीमार पड़ने लगे हैं। ज्यादातर लोग तेज बुखार व सर्दी खांसी से पीड़ित हो रहे हैं। बाढ़ के बाद लोगों के बीमार पड़ने के कारण सरकारी अस्पताल में ओपीडी में इलाज कराने आए मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस्माइलपुर पीएचसी में जहां ओपीडी में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई।

लोगों के बुखार तेज होने के कारण जहां लोगों में डेंगू बुखार के फैलने की आशंका है। बुखार होने की स्थिति में लोगों में दहशत का माहौल है। बाढ़ पीड़ित इलाके में किसी प्रकार की बीमारी नहीं फैले इसको लेकर ब्लीचिंग पाउडर व डीडीटी का छिड़काव कराए जाने की मांग लोगों ने की है। नवगछिया नगरीय क्षेत्र में भी बारिश के पानी से जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। शहर में मच्छरों के प्रकोप बढ़ने से लोग परेशान हैं। मच्छरों के प्रकोप बढ़ने से नवगछिया वार्ड नंबर 19 निवासी वरुण केजरीवाल व उनकी मां बीमार पड़ गईं हैं। उन्हें डेंगू होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोगों ने मच्छरों के बढ़ते प्रकोप पर नियंत्रण पाने के लिए फॉगिंग करने की मांग की है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव ने कहा कि डेंगू की आशंका को देखते हुए तीन दिनों से वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है। वार्ड 12 में शुक्रवार को फॉगिंग हुई है। पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में फॉगिंग की जाएगी।

बाढ़ के पानी से इस्माइलपुर प्रखंड की एक दर्जन से अधिक नवनिर्मित सड़कें टूटीं

नवगछिया|गंग नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ प्रभवित इलाकों की सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। गंगा के जलस्तर में आई कमी के बाद सड़कों की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखने लगी है। पूरी तरह से सड़कें ध्वस्त हो गईं हैं। लोगों को परेशानियों का सामना करना पर रहा है। सबसे अधिक तबाही इस्माइलपुर प्रखंड में हुई। इस प्रखंड की एक दर्जन से अधिक नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से टूट चुकी हैं। कई पुल पुलिया भी बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस्माइलपुर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने बताया कि प्रखंड में लाखों की लागत से बनीं सड़कें बर्बाद हो गईं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने लक्ष्मीपुर नवटोलिया से लक्ष्मीपुर गांव जाने वाली सड़क, परबत्ता पुल से बासगढ़ा बिनोवा सड़क, छठ्‌ठू सिंह टोला से इस्माइलपुर प्रखंड मुख्यालय तक जाने वाली सड़क, चांदनी चौक से मालपुर जाने वाली सड़क, केलाबाड़ी से रामनगर जाने वाली सड़क, छठ्‌ठू सिंह टोला से मंधत टोला जाने वाली सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने नारायणपुर चंडी स्थान से इस्माइलपुर जाने वाली सड़क, नारायणपुर नेवा दास टोला से मालपुर जाने वाली सड़क, नेवा दास टोला से चंडी स्थान जाने वाली सड़क, चंडी स्थान से मोती टोला पचासी जाने वाली सड़क, चंडी स्थान से केलाबाड़ी जाने वाली सड़क व परबत्ता पुल का एप्रोच सड़क, लक्ष्मीपुर मुस्लिम टोला पुल का एप्रोच सड़क व मेघल टोला का एप्रोच सड़क गंगा नदी की बाढ़ में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़कों की सूची ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को देकर अविलंब मरम्मत करने को मांग की गई है।

12 दिन बाद प्रखंड मुख्यालय में सीओ ने किया कार्यालय संचालित

गोपालपुर|
बाढ़ आने के बाद लगभग 15 दिनों बाद सीओ मो. फिरोज इकबाल ने कार्यालय का संचालन किया और कामकाज निपटाया। 26 सितम्बर को प्रखंड मुख्यालय में गंगा के बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से प्रखंडस्तरीय सभी कार्यालय अस्त-व्यस्त हो गये थे। मध्य विद्यालय पचगछिया स्थित कैंप कार्यालय से बाढ़ राहत संबंधित कार्यों का निष्पादन किया जा रहा था। सीडीपीओ कार्यालय के बाहर बाढ़ के पानी में भींगी किताबों को सुखाया जा रहा है। बीडीओ, आरटीपीएस, मनरेगा व प्रखंड कृषि कार्यालयों में बाढ़ का पानी फंसा हुआ है।

अनुश्रवण समिति की बैठक में छाया रहा बाढ़-कटाव का मुद्दा

रंगरा| बाढ़ के मुद्दे को लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रखंड अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें बाढ़ व कटाव का मुद्दा छाया रहा। जलस्तर घटने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों में फैल रही बीमारियों के निदान को लेकर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान सीओ जितेंद्र कुमार राम ने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन व पॉलीथिन का वितरण किया गया है। पूरे प्रखंड में 16535 बाढ़ प्रभावित परिवारों को चिह्नित किया गया है। ऑनलाइन डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के खाते में अगले 20 दिनों के अंदर 6000 की बाढ़ राहत राशि भेज दी जाएगी। पंचायत समिति सदस्य दिवाकर सिंह व कौसकीपुर सहोड़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अशोक यादव ने विद्युत विभाग, पीएचडी, स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग के एक भी पदाधिकारियों के शामिल नहीं होने का मुद्दा उठाया। मुरली मुखिया प्रदीप मंडल ने बाढ़ से प्रखंड क्षेत्र में हुई फसलों की व्यापक क्षति का मुद्दा उठाया। बैठक में बीडीओ शिल्पी कुमारी वैद्य, प्रखंड प्रमुख शीला देवी, उप प्रमुख प्रवीण कुमार पंकज, मदरौनी मुखिया अजीत कुमार मुन्ना, मुरली मुखिया प्रदीप मंडल, तिनटंगा दियारा (उत्तर) के मुखिया भुवनेश्वर मंडल व अन्य मौजूद थे।

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