पूर्णिया / गैंगवार में कुख्यात अपराधी पर बम-गोलियों से हमला, महिला की मौत

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 09:50 AM IST


अस्पताल में भर्ती कुख्यात बुचन यादव। अस्पताल में भर्ती कुख्यात बुचन यादव।
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अस्पताल में भर्ती कुख्यात बुचन यादव।अस्पताल में भर्ती कुख्यात बुचन यादव।
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  • 200 राउंड चलीं गोलियां, 20 मिनट तक दहशत का माहौल, 3 गिरफ्तार, एक बंदूक, नौ कारतूस बरामद 

पूर्णिया. पूर्णिया जिले के गौरीपुर के पूर्व मुखिया व कुख्यात अपराधी ब्रजकिशोर यादव उर्फ बुचन यादव पर सोमवार की देर रात एक बजे बीकोठी के मौजमपट्टी में अपराधियों ने बम और गोली से हमला कर दिया। 

 

अपने गांव मौजमपट्टी में ही सरस्वती पूजा के मौके पर जागरण कार्यक्रम का उद्‌घाटन कर स्कॉर्पियो से लौट रहे बुचन यादव को आधा दर्जन अपराधियों ने अंधेरे में घेर लिया और उस पर बम-गोलियों की बौछार कर दी। करीब छह बम फोड़े। स्कॉर्पियो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और बुचन यादव गाड़ी के अंदर ही बुरी तरह से घायल हो गया। उसका एक पैर उड़ गया। उसकी बाईं कनपटी में भी गोली लगी है। बचाव में बुचन यादव के गुर्गों ने भी गोलीबारी शुरू कर दी। 

 

गोलीबारी के दौरान अपने घर के सामने खड़ी रानी देवी (30 वर्ष) की गोली लगने से मौत हो गई। गोली रानी की छाती में लगी। गैंगवार का कारण आपसी दुश्मनी बताई जा रही है। दोनों ओर से करीब 200 राउंड गोली चली है। करीब 20 मिनट तक बमबाजी और गोलीबारी होती रही। पुलिस ने बताया कि एक दिन पहले बुचन यादव का किसी से झगड़ा हुआ था। गोलीबारी के बाद पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। 

 

इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ एक बंदूक और नौ ज़िंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से 20 खोखा भी बरामद किया है। रानी देवी के पति अरुण यादव के बयान पर बुचन यादव के दोनों बेटे सौरव साहिल, शबनम कुमार और जयचंद यादव (रही पकिलपार निवासी, मधेपुरा) के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। 

 

बम और गोली लगने से घायल बुचन यादव को पहले इलाज के लिए पूर्णिया लाया गया, जहां एक निजी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उसे सिलीगुड़ी रेफर कर दिया गया है।

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