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फंड के पेच में फंसा सरकारी आदेश, काॅलेजाें में छात्राअाें काे नहीं मिल पा रही है मुफ्त शिक्षा

Bhagalpur News - एजुकेशन रिपाेर्टर | भागलपुर सरकारी अादेश के बावजूद बीते चार साल से काॅलेजाें में छात्राअाें काे नि:शुल्क...

Nov 11, 2019, 06:46 AM IST
एजुकेशन रिपाेर्टर | भागलपुर

सरकारी अादेश के बावजूद बीते चार साल से काॅलेजाें में छात्राअाें काे नि:शुल्क शिक्षा नहीं दी जा रही है। केंद्र सरकार ने काॅलेजाें में स्नाकाेत्तर तक की पढ़ाई छात्राअाें के लिए नि:शुल्क करने की घाेषणा की थी। इसका अादेश भी 2016 में ही काॅलेजाें काे दिया गया था। मगर काॅलेजाें में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। एसएम काॅलेज, मारवाड़ी काॅलेज, टीएनबी काॅलेज सहित टीएमबीयू के सभी काॅलेजाें में छात्राअाें काे नि:शुल्क शिक्षा नहीं दी जा रही है। याेजना का लाभ नहीं मिलने से छात्राअाें काे काफी परेशानी हाे रही है। कई छात्राअाें काे उम्मीद थी कि इस नि:शुल्क शिक्षा वाली याेजना से उनके उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना पूरा हाेगा। मगर पैसे के अभाव में कई छात्राएं पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं। कई छात्राएं स्नातक की पढ़ाई करने के बाद पीजी में दाखिला नहीं ले रही हें। काॅलेजाें काे ये दिक्कत फंड के बारे में सरकार की अाेर से काेई जानकारी नहीं मिलने काे लेकर हाे रही है। क्योंकि दालिले से कॉलेजों में जो फंड जेनरेट होता है, उसका इन्हें नुकसान होगा और इसकी भरपाई करने के लिए सरकार ने कोई गाइड लाइन नहीं दी है। एसएम काॅलेज की प्राचार्य डाॅ. अर्चना ठाकुर ने कहा कि सरकार ने निर्देश ताे कई वर्ष पहले दिया, मगर इसके लिए काेई लाइन नहीं दी गई है कि उक्त योजना के तहत कैसे दाखिला लेना हैं और उन्हें शिक्षा दी जानी है कि कॉलेज के फंड भी नुकसान न हो।

राजभवन ने टीएमबीयू से पूछा कितने फंड की है अावश्यकता

छात्राअाें काे नि:शुल्क शिक्षा देने काे लेकर राजभवन ने अब टीएमबीयू से रिपाेर्ट मांगी है। टीएमबीयू से पूछा गया है कि छात्राअाें काे नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए कितने फंड की जरूरत है। टीएमबीयू जल्द ही इस मामले की रिपाेर्ट राजभवन काे भेजेगा।

छात्राअाें की फीस ही कॉलेजों का अांतरिक अार्थिक स्राेत है : जब तक राजभवन फंड से संबंधित काेई गाइडलाइन नहीं देगा। तबतक काॅलेज इसे लागू नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह है कि छात्राअाें की फीस से ही काॅलेज के विकास के कई काम हाेते हैं। कई महिला काॅलेज में ताे छात्राअाें की फीस ही अांतरिक अार्थिक स्राेत है। एेसे में अगर सभी छात्राअाें की मास्टर्स तक की फीस माफ कर दी जाएगी तो काॅलेज के पास काेेई अांतरिक विकास काेष नहीं रहेगा।

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