जिन विभागाें में अमरेंद्र यादव रहे, वहां के खजाने काे लूटा नजारत, डूडा व डीअारडीए मामले में सीबीअाई ने माना दाेषी

Bhagalpur News - तीनाें मामले में कार्रवाई के लिए भेजी गई अभियाेजन की स्वीकृति सिटी रिपाेर्टर | भागलपुर सृजन घाेटाले के...

Nov 11, 2019, 06:50 AM IST
तीनाें मामले में कार्रवाई के लिए भेजी गई अभियाेजन की स्वीकृति

सिटी रिपाेर्टर | भागलपुर

सृजन घाेटाले के दाैरान सरकारी खजाने में सबसे अधिक सेंधमारी क्लर्क अमरेंद्र यादव ने की है। क्लर्क अमरेंद्र यादव जिस-जिस विभागाें में कार्यरत रहे, वहां के सरकारी खजाने काे लूटने की साजिश रची अाैर कराेड़ाें रुपए डकार लिए। अमरेंद्र यादव ने करीब अाठ वर्षाें में सरकारी खाताें में जमकर सेंधमारी की। सबसे पहले वह जिला शहरी विकस अभिकरण (डूडा) में रहे। वहां से करीब 13.89 कराेड़ रुपए की हेराफेरी की गई। इसके बाद डीअारडीए में कार्यरत रहे। जहां करीब 83 कराेड़ रुपए की हेराफेरी की गई। इसके बाद जिला नजारत में सहायक नाजिर के रूप में कार्यरत रहे, वहां से भी 220 कराेड़ रुपए की अवैध निकासी की गई है। इन तीनाें विभागाें से अवैध निकासी के मामले की जांच में सीबीअाई ने अमरेंद्र यादव काे दाेषी माना है। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए बारी-बारी से जिला प्रशासन से अभियाेजन की स्वीकृति मांगी। सबसे पहले नजारत, फिर डूडा अाैर अब डीअारडीए के मामले में अभियोजन स्वीकृति मांगी। जिला विधि शाखा ने अभियाेजन स्वीकृति सीबीअाई काे भेज दी गई है। अमरेंद्र यादव पहले से ही पटना के बेउर जेल में बंद है। वे नजारत के मामले में जेल में बंद है अाैर इस मामले में सीबीअाई के स्पेशल काेर्ट में सुनवाई चल रही है। अब डूडा अाैर डीअारडीए के मामले में भी सुनवाई की जाएगी।

जानिए क्लर्क अमरेंद्र यादव ने किस तरह से अलग-अलग विभागाें के खाते में सेंधमारी की और कराेड़ाें रुपए डकार लिए

डूडा से राशि की हेराफेरी मामले में सीबीअाई कर चुकी है चार्जशीट

जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) में अमरेंद्र यादव क्लर्क के रूप में कार्यरत रहे। बताया जाता है कि वे 2010 के समय में वहां कार्यरत थे। उस दाैरान ही डूडा के बैंक अाॅफ बड़ाैदा के खाते से 13.89 कराेड़ रुपए की अवैध निकासी कर सृजन महिला विकास सहयाेग समिति के खाते में ट्रांसफर की गई। बीते 26 सितंबर काे सीबीअाई की अाेर से करीब 44 लाेगाें के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। इनमें डूडा के मामले में अमरेंद्र यादव के खिलाफ भी चार्जशीट दायर हुअा। इसमें वहां के कैशियर भीमनंदन ठाकुर भी संलिप्त पाए गए। इन दाेनाें के खिलाफ पिछले माह ही अभियाेजन स्वीकृति सीबीअाई काे भेजी गई है।

नजारत से करीब 220 कराेड़ की अवैध निकासी में चल रही है विभागीय कार्यवाही

क्लर्क अमरेंद्र यादव ने डूडा से सरकारी खजाने में सेंधमारी की तरकीब सीखी अाैर इसके बाद उसे डीअारडीए में अाजमाया अाैर फिर नजारत में खुलेअाम सेंधमारी की। डूडा, डीअारडीए अाैर नजारत में से सबसे अधिक अवैध निकासी जिला नजारत शाखा से की गई है। वहां से करीब 220 कराेड़ रुपए की अवैध निकासी की गई है। इस मामले में अमरेंद्र यादव पहले से फंसे हुए हैं। सीबीअाई की जांच में वह संलिप्त पाए गए हैं। इसकाे लेकर जिला स्तर पर विभागीय कार्यवाही की सुनवाई एडीएम विभागीय (जांच) मनाेज कुमार काे करनी है। लेकिन अमरेंद्र यादव ने बेउर जेल प्रशासन के माध्यम से जवाब भेजा कि अभी वह न्यायिक अभिरक्षा में हैं, सुनवाई स्थगित की जाए। इसके बाद मामला ठंडा पड़ गया है।

डीअारडीए से अवैध निकासी में जांच एजेंसी काे भेजी अभियाेजन स्वीकृति

डीअारडीए के बैंक अाॅफ बड़ाैदा अाैर इंडियन बैंक के खाते से करीब 83 कराेड़ रुपए की हेराफेरी की गई है। इसकाे लेकर हाल में ही जांच रिपाेर्ट सीबीअाई काे साैंपी गई है। इसमें वहां के क्लर्क अमरेंद्र यादव अाैर अरुण कुमार की संलिप्तता पाई गई है। इसकाे लेकर भी सीबीअाई ने जिला प्रशासन से अभियाेजन स्वीकृति मांगी गई थी, जिसे जिला से भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक 2013 में सबसे अधिक डीअारडीए के खाते से अवैध निकासी की गई थी, उस वक्त वहां अमरेंद्र यादव कार्यरत थे। डीअारडीए के मामले में जल्द चार्जशीट दायर हाेने की संभावना है। इसमें अमरेंद्र यादव अाैर अरुण कुमार, दाेनाें के खिलाफ चार्जशीट दायर हाेने की संभावना जताई जा रही है।

सरकारी वकील ने मांगे जिप से अवैध निकासी के साक्ष्य



सिटी रिपाेर्टर | भागलपुर

सृजन घाेटाला में जिला परिषद के खाते से अवैध निकासी मामले में राशि वसूली के लिए मनी सूट दायर करने की दिशा में पहल तेज हाे गई है। इसकाे लेकर बैंक अाॅफ बड़ाैदा अाैर इंडियन बैंक से राशि वसूली के लिए मनी सूट दायर किया जाएगा। इसके लिए राशि का अाकलन कर रिपाेर्ट सरकारी वकील काे शनिवार काे साैंपी गई। लेकिन सरकारी वकील ने इसके लिए साक्ष्य मांगे हैं। सरकारी वकील ने कहा कि राशि जिला परिषद से बैंक खाता में जमा करने के लिए भेजी गई, लेकिन वहां राशि जमा नहीं हुई, इससे संबंधित साक्ष्य भी उपलब्ध कराएं। अब इसकाे लेकर काउंटर फाेलियाे साेमवार काे जमा किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि किस तरह जिला परिषद की अाेर से राशि जमा करने के लिए चेक बैंक काे भेजा जाता था, लेकिन वहां राशि जमा नहीं हाेती थी। इसकाे लेकर बैंक की अाेर से दिए गए साक्ष्य काे सरकारी वकील के पास जमा किया जाएगा।

38 करोड़ की हुई थी निकासी

बता दें कि जिला परिषद का बैंक अाॅफ बड़ाैदा में चार अाैर इंडियन बैंक में एक खाता था। इन पांचाें खाताें से अवैध निकासी की गई है। इनमें बैंक अाॅफ बड़ाैदा से करीब 30 कराेड़ अाैर इंडियन बैंक से करीब अाठ कराेड़ रुपए की अवैध निकासी की गई है। इसमें मूल के साथ ब्याज भी शामिल है। इसी राशि की वसूली के लिए जिला परिषद की अाेर से मनी सूट दायर किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि सप्ताहभर के अंदर मनी सूट दायर किया जा सकता है।

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