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- Bhagalpur News In The Name Of Investigation Khanapurti Was Not The First Contraler Now Not Fa Only One Meeting Held In 5 Days
जांच के नाम पर खानापूर्ति, पहले कंट्राेलर नहीं थे, अब एफए नहीं, 5 दिन में हुई सिर्फ एक बैठक
{टीएमबीयू में काॅपी बिक्री के मामले की एेसे ही हाे रही है जांच
{कमेटी काे अब तक नहीं मिले डाॅक्यूमेंट, रिपाेर्ट देने में 3 दिन बाकी
टीएमबीयू में बिना टेंडर के काॅपी बेचने के मामले की जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। संशाेधित कर बनाई गई कमेटी काे रिपाेर्ट देने के लिए दिए गए 8 दिनाें में से 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कमेटी काे अब तक काॅपी बिक्री से जुड़े डाॅक्यूमेंट भी नहीं मिले हैं। कभी 1 अधिकारी गायब ताे कभी दूसरे। जांच काे लेकर अभी तक यही चल रहा है।
टीएमबीयू ने 4 मार्च काे कमेटी संशाेधित की थी, जिसमें वित्तीय परामर्शी पद्मकांत झा काे कमेटी का संयाेजक बनाया गया था। शेष सदस्य वही रखे गए, जाे 24 फरवरी काे पहली बार बनी कमेटी में शामिल किए गए थे। उस समय कमेटी काे रिपाेर्ट देने के लिए 15 दिनाें का समय दिया गया था। लेकिन यह जानते हुए कि किसी भी कमेटी में अध्यक्ष या संयाेजक का रहना जरूरी हाेता है, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमेटी में यह जिम्मेदारी किसी काे नहीं दी थी। बाद में 4 मार्च काे संशाेधन कर वित्तीय परामर्शी काे संयाेजक बनाते हुए कमेटी काे 8 कार्य दिवस में रिपाेर्ट देने काे कहा गया। लेकिन 5 से 7 मार्च के बीच कमेटी की सिर्फ 1 बैठक हुई। उस बैठक में कमेटी ने परीक्षा विभाग से बिक्री से जुड़े डाॅक्यूमेंट मांगा, ताे बताया गया कि परीक्षा कंट्राेलर छुट्टी पर हैं। एेसे में कमेटी के हाथ खाली रहे। अब हाेली की छुट्टी के बाद गुरुवार काे टीएमबीयू खुला। परीक्षा कंट्राेलर ने ड्यूटी ज्वाइन की। उम्मीद की जा रही थी कि कमेटी की बैठक हाेगी अाैर कंट्राेलर डाॅक्यूमेंट उपलब्ध कराएंगे। लेकिन गुरुवार काे वित्तीय परामर्शी नहीं थे। एेसे में कमेटी की बैठक नहीं हुई। अब कमेटी के पास रिपाेर्ट देने के लिए 3 दिन बच गए हैं।