पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इंस्पेक्टर को करनी होगी जांच, इसलिए ऑनलाइन फ्रॉड में नहीं लगाते आईटी की धारा

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • जिले में इंस्पेक्टरों की है कमी, उनपर पहले से है काम का बोझ
  • छह महीने में साइबर क्राइम के 60 मामले आए, लोगों के 50 लाख डूबे, लेकिन एक भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई पुलिस

भागलपुर (रूप कुमार). भागलपुर में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों के बैंक खाते से चुपके से पैसे निकाले जा रहे हैं। जब तक खाताधारक को इसकी जानकारी मिलती है, उनके पास हाथ मलने के अलावा कोई उपाय नहीं रहता है। जिले में पिछले छह महीने में बैंक व एटीएम फ्रॉड के करीब 60 मामले सामने आए हैं। इनमें करीब 50 लाख रुपये साइबर ठगों ने खातों से उड़ा लिये, लेकिन पुलिस एक भी केस का खुलासा कर नहीं पाई है। 

 

इसमें पुलिस आईटी एक्ट की धारा नहीं लगाती है क्योंकि इस एक्ट के केस का अनुसंधान इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी ही कर सकते हैं। जिले में इंस्पेक्टरों की कमी है। इसलिए पुलिस ऐसे मामलो में धोखाधड़ी की दो धाराओं में केस दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती है। अधिक दबाव पड़ने पर आईओ बैंक जाकर खाते का स्टेटमेंट निकालकर उसे फ्रिज करवा देते हैं। अनुसंधान के पुराने ट्रेंड के कारण ऑनलाइन क्राइम के मामले नहीं सुलझ पा रहे हैं। इससे ठगों का मनोबल भी बढ़ रहा है।

 

धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच करती है पुलिस
साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए 2000 में केंद्र ने सूचना एवं प्रौद्यौगिकी अधिनियम बनाया था। इस कानून में 90 धाराएं लगाई गई थीं। जिसमें इंटरनेट व कंप्यूटर आधारित क्राइम के लिए अलग से सेक्शन व सजा का प्रावधान किया गया था। नियम है कि साइबर या ऑनलाइन क्राइम के मामले में पुलिस आईपीसी की धारा के साथ-साथ आईटी एक्ट की धाराएं भी लगाएगी। लेकिन भागलपुर पुलिस ऐसा नहीं करती है। वह धोखाधड़ी का केस दर्ज कर रही है। भागलपुर पुलिस के पास पहले से ही इंस्पेक्टरों की कमी है। जिले में करीब 20 इंस्पेक्टर हैं। इनपर पहले से ही नन एसआर केस के सुपरविजन का जिम्मा है। इसलिए पुलिस धोखाधड़ी की धारा में केस करती है।

 

हर थाने में साइबर पुलिस अफसर की तैनाती की है योजना
पुलिस अफसरों ने बताया कि जिले में एसपी के निर्देशन में एक साइबर सेल है। जिसमें मोबाइल आधारित क्राइम व इंटरनेट आधारित क्राइम की जांच होती है। लेकिन आने वाले दिनों में पुलिस विभाग की योजना है कि हर थाने में एक दारोगा तैनात रहेंगे, जो साइबर क्राइम की जांच करेंगे। इसका अलग से कैडर होगा। ये आईटी एक्सपर्ट अफसर होंगे। हर थाने में साइबर यूनिट का प्रस्ताव पुलिस हेडक्वार्टर में लंबित है। ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हर तबके के लोग हो रहे हैं। ये लोगे अपने खाते की गोपनीय जानकारी मोबाइल के एक कॉल पर ठगों को उपलब्ध करा देते हैं।

 

सबसे अधिक शिकार एसबीआई के कस्टमर
बैंक फ्रॉड के मामले में सबसे अधिक शिकार एसबीआई के कस्टमर हो रहे हैं। एसबीआई के एजीएम पवन कुमार ने बताया कि हमारे खाताधारकों की संख्या अधिक है, इसके चलते हमारे खाताधारक इससे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। फ्रॉड से बचने के लिए हम ग्राहकों को अपना गोपनीय पिन नंबर या बैंक खाते से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं करने के लिए जागरूक करते हैं। 

 

मामले की करेंगे जांच
ऑनलाइन फ्रॉड के मामले की वह पड़ताल करेंगे। खुद देखेंगे कि जिले में कितने मामले पेंडिंग हैं। विनोद कुमार, आईजी, भागलपुर

 

साइबर सेल को करेंगे मजबूत

ऐसे मामलों में फर्जी सिम का प्रयोग होता है। ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए जागरूकता की जरूरत है। पुलिस भी साइबर सेल को मजबूत कर रही है। विकास वैभव, डीआईजी

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- किसी भी लक्ष्य को अपने परिश्रम द्वारा हासिल करने में सक्षम रहेंगे। तथा ऊर्जा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण दिन व्यतीत होगा। किसी शुभचिंतक का आशीर्वाद तथा शुभकामनाएं आपके लिए वरदान साबित होंगी। ...

    और पढ़ें