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जिन इंस्पेक्टरों को विभाग ने अयोग्य बता थानेदारी से हटाया था, वही निकले ‘योग्य’, कई केसों का खुलासा

Bhagalpur News - पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद भागलपुर जिले के जिन इंस्पेक्टरों को दागी अौर अयोग्य बता कर विभाग ने थानेदारी व...

Sep 17, 2019, 06:55 AM IST
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद भागलपुर जिले के जिन इंस्पेक्टरों को दागी अौर अयोग्य बता कर विभाग ने थानेदारी व सर्किल के काम से हटाया था, वही अब कारगर साबित हो रहे हैं। इन अयोग्य इंस्पेक्टर को तीन बड़े मामलों की जिम्मेदारी एसएसपी ने सौंपी थी। तीनों मामले की जांच में इंस्पेक्टराें ने बेहतर काम किया। अपने पूरे सेवा काल में तीन से अधिक वृहत सजा पाए इंस्पेक्टर को थानेदार, सर्किल इंस्पेक्टर के पद से हटा दिया गया था। भागलपुर में कोतवाली थानेदार केदार नाथ सिंह, मोजाहिदपुर थानेदार राम एकबाल प्रसाद यादव, नाथनगर थानेदार मो. अली साबरी, सदर इंस्पेक्टर मो. जनीफउद्दीन, लोदीपुर इंस्पेक्टर वेदनाथ पाठक वैदिक, ट्रैफिक इंस्पेक्टर सत्येंद्र प्रसाद सिंह को इस काम से हटा दिया गया था। लेकिन हटाए जाने के बाद भी इन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा रही है अौर वे बेहतर काम कर रिजल्ट भी दे रहे हैं। जिले में कुल 25 इंस्पेक्टर तैनात थे। इसमें 13 को अयोग्य पाया गया था। इन 13 में सात का स्थानांतरण भी विभाग ने सीअाईडी, स्पेशल ब्रांच, अार्थिक अपराध इकाई में कर दिया है।

अायोग्य घोषित हुए इंस्पेक्टरों ने किये ये काम

मो. जनीफउद्दीन : 18 अगस्त को हबीबपुर थाना के हाजत से भागने वाला कुख्यात अपराधी इमरान मुर्गा को पुलिस ने कबीरपुर रेल पुल के पास गिरफ्तार किया था। इमरान के भागने के बाद उसे गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी एसएसपी ने इंस्पेक्टर जनीफउद्दीन को सौंपी थी। तीन सितंबर को इंस्पेक्टर ने इमरान को गिरफ्तार कर लिया था।

मो. अली साबरी : शंकरपुर दियारा में दो गांवों के बीच 13 सितंबर को मारपीट, जमकर गोलीबारी अौर बमबाजी हुई थी। घटना के बाद बैरिया अौर शंकरपुर बिंद टोला के ग्रामीणों के बीच भारी तनाव पैदा हो गया था। इंस्पेक्टर मो. अली साबरी के नेतृत्व में टीम गांव गई अौर दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर शांति बहाल किया था।

केदारनाथ सिंह : डॉ. सुनील कुमार के अपहरण का केस दर्ज होने के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर केदारनाथ सिंह को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। इंस्पेक्टर ने मामले की जांच शुरू की तो मामले का खुलासा हो गया। इंस्पेक्टर ने डॉक्टर की बाइक स्टेशन कैंपस से बरामद की अौर फुटेज जांच कर स्पष्ट किया िक मामला अपहरण का नहीं है।

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