खरमास शुरू,13 अप्रैल तक मीन राशि में रहेंगे सूर्यदेव, 14 से शुरू हाे जाएंगे मांगलिक कार्य
जानें कब हैं विवाह के मुहूर्त
नवंबर में 3 दिन और दिसंबर में 7 दिन बजेगी शहनाई
सूर्य के मीन राशि में होने पर मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं : ज्योतिषाचार्य
हड़बड़िया काली मंदिर मंदरोजा के ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार मिश्रा के अनुसार सूर्य जब-जब बृहस्पति की राशियों में प्रवेश करता है तब-तब किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। यानी दिसंबर और जनवरी में जब सूर्य धनु राशि में होता है तब और मार्च व अप्रैल में मीन राशि में सूर्य के आ जाने पर भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। सूर्य के मीन राशि में होने पर मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
एक माह तक नहीं हो सकेंगे गृहप्रवेश व सोलह संस्कार
सिटी रिपोर्टर | भागलपुर
सूर्यदेव के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही 14 मार्च से खरमास प्रारंभ हो गया, जो 13 अप्रैल तक रहेगा। इस एक माह की अवधि में विवाह अाैर अन्य मंगल कार्य नहीं होंगे।
पूजा-पाठ व भजन-कीर्तन और सत्संग किए जा सकेंगे। इस अवधि में दान-पुण्य करना अति विशिष्ट फलदायी होता है। खरमास को मलमास भी कहते हैं। इसमें भगवान विष्णु अाैर सूर्य की आराधना का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार गृह प्रवेश और सोलह संस्कार सहित विवाह मुहूर्त 14 अप्रैल से प्रारंभ होंगे, जो जून माह तक रहेंगे। इसके बाद नवंबर व दिसंबर में विवाह मुहूर्त रहेंगे। अप्रैल में 6 दिन, मई में 16 दिन, जून में 8 दिन रहेंगे। इसके बाद नवंबर में 3 दिन व दिसंबर में 7 दिन विवाह मुहूर्त होंगे।
इन दिनों सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाने से आरोग्यता मिलती है
ज्योतिषाचार्य पं. मिश्रा के अनुसार खरमास में विवाह, नवीन प्रतिष्ठान का शुभारंभ, भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन, शिलान्यास आदि काम नहीं किए जाते हैं। इन दिनों में सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाने से आरोग्यता मिलती है। पुराणों के अनुसार खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा की जानी चाहिए। इसके साथ ही भगवान सूर्य को सुबह जल चढ़ाया जाता है।