भू-अर्जन और डूडा के मनी सूट की सुनवाई 16 को
सृजन घाेटाले में जिला भू-अर्जन कार्यालय अाैर डूडा के बैंक खाते से राशि की हेराफेरी में दायर मनी सूट मामले में गुरुवार को सबजज-1 कोर्ट में सरकार की ओर से बहस की गई। डूडा मामले में सरकार की ओर से जीपी गोपाल भूषण प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि बैंक से सरकारी पैसे की हेराफेरी की गई है। इसके लिए बैंक जिम्मेवार है। बैंक में पैसा इसलिए रखा जाता है कि वहां सुरक्षित रहता है, लेकिन बैंक ने सृजन के खाते में गलत तरीके से पैसे जमा कर दिए। ऐसे में बैंक अाॅफ बड़ाैदा का दायित्व है कि वह खाते से गायब करीब 10 करोड़ विभाग को वापस करे। उनकी दलील से कोर्ट संतुष्ट नजर आया।
भू-अर्जन शाखा को कोर्ट फीस जमा करने का आदेश
इसी दौरान जीपी ने जिला भू-अर्जन शाखा के करीब 333 करोड़ की हेराफेरी का मामला उठा दिया और बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक को इतनी राशि सूद समेत वापस कराने
की मांग की। लेकिन भू-अर्जन शाखा द्वारा कोर्ट फीस के रूप में 50 हजार जमा नहीं होने से अदालत ने कहा कि तीनों मामले एक ही प्रवृत्ति के हैं। ऐसे में अगली तारीख 16 मार्च को तीनों की एक साथ सुनवाई करेंगे।
16 की बहस के बाद बैंकों को जारी हो सकेगा समन
जीपी को कहा गया है कि 16 मार्च से पहले भू-अर्जन शाखा दोनों केस में कोर्ट फीस जमा करा दे। फीस जमा होने के बाद संभावना है कि सुनवार्इ के दाैरान दाेनाें बैंकाें काे समन जारी किया जाएगा, ताकि संबंधित बैंकाें के जिम्मेदार अपना पक्ष रख सके। बता दें कि बैंकाें पर अाराेप है कि जिला भू-अर्जन अाैर डूडा की अाेर से उन बैंकाें में जमा राशि काे सृजन महिला विकास सहयाेग समिति के खाते में बैंककर्मियाें की मिलीभगत से ट्रांसफर कर दिया गया। अब उन दाेनाें बैंकाें से राशि की वसूली के लिए मनी सूट दायर किया गया है।