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खुद को जिंदा साबित करने की जंग लड़ रही है 100 साल की कौशल्या

रिपोर्ट में अगर निर्गत मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी निकला तो पहले प्रमाण पत्र को रद्द किया जाएगा।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 10:39 AM IST
100 साल की जीवित मां के साथ जगदीश 100 साल की जीवित मां के साथ जगदीश

मधेपुरा (बिहार)। कौशल्या देवी जीवित होने का शपथ पत्र दे रही है, लेकिन पिछले 4 माह से अधिकारी उसे जीवित मानने को तैयार ही नहीं हैं। मां को न्याय दिलाने के लिए छोटा बेटा जगदीश दर-दर भटक रहा है। उन्होंने अपने बड़े भाई पर जीवित मां का फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। सिर्फ चंद जमीन के लिए बड़े भाई ने 100 वर्षीय मां को मृत घोषित करवा दिया। इस बीच फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र के आधार पर कौशल्या के नाम की जमीन किसी को बेच दी गई। महिला ने शपथ-पत्र देकर घोषित किया है कि वो जिंदा है। हालांकि, बीडीओ (ब्लॉक डेवलपमेन्ट ऑफीसर) ज्योति गामी ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच करने का निर्देश दे दिया। फिलहाल, कौशल्या के जिंदा होने की जंग जारी है।

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को रद्द करने की मांग


- जगदीश ने कहा, अधिकारी ने जो मृत्यु प्रमाण जारी किया है, वो पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने इसे रद्द करने की मांग की है।

- दूसरी तरफ, जगदीश ने मां की जिंदा करार देने के लिए ग्राम कचहरी में गुहार लगाई तो सरपंच ने विधिवत जांच कराकर यह प्रमाणपत्र जारी कर दिया है कि कौशल्या उर्फ बैजंत्री देवी जी स्व. बलदेव खां की विधवा हैं।

प्रमाण पत्र फर्जी निकला तो होगी कार्रवाई


- बीडीओ ज्योति गामी ने कहा, मामले की जांच के लिए पंचायत सचिव और प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक को संयुक्त रूप से निर्देश दिया है। रिपोर्ट में अगर मामला फर्जी निकला तो पहले प्रमाण पत्र को रद्द किया जाएगा। फिर प्रमाण पत्र जारी करने वाले संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।