भगवान छप्पन भोग के नहीं, सच्चे भाव के भूखे हैं : वर्षा नागर
जीच्छो में कथा के उद्घाटन के मौके पर बीएयू के कुलपति सहित अन्य।
सबौर| भगवान छप्पन भोग के नहीं, सच्चे भाव के भूखे हैं। व्यवसाय बड़ा हो या न हो, दिल जरूर बड़ा होना चाहिए। इसलिए हर समय खुश रहें, क्योंकि जो प्राप्त है वही पर्याप्त है। यह बातें जीच्छो में चल रहे भागवत कथा के छठे दिन भक्तों बीच प्रवचन करते हुए संत सुश्री वर्षा नागर ने कही। कलाकारों ने “बाबा भोलेनाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा” जैसे एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर बीएयू के कुलपति डाॅ. अजय कुमार सिंह के अलावा सबौर बीडीओ ममता प्रिया, डाॅ. सुमन चटर्जी, डाॅ. संदीप लाल के अलावा कई वरीय लोग व शहर के गणमान्य लोगों ने भी भागवत कथा का रसपान किया। कुलपति ने कहा महिलाओं ने अपना योगदान कृषि क्षेत्र में भी बढ़ाया है।