मेरे शहर! उदास न हो, दीप जलेगा, तिमिर-ढलेगा

Bhagalpur News - जगमग भागलपुर की तस्वीर। - शशि शंकर मेरे शहर उदास न हो, फिर दीप जलेगा, तिमिर-ढलेगा! यह जो रात चुरा बैठी है...

Apr 06, 2020, 06:40 AM IST

जगमग भागलपुर की तस्वीर। - शशि शंकर

मेरे शहर उदास न हो, फिर दीप जलेगा, तिमिर-ढलेगा!

यह जो रात चुरा बैठी है चाँद-सितारों की तरुणाई,

बस तब तक कर ले मनमानी जब तक कोई किरण न आई

{गोपाल दास ‘नीरज’ की कविता भागलपुर गुनगुना रहा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार को शहर उम्मीदों के दीयों से जगमग दिखा। कहते हैं अंधकार के पांव नहीं होते, वो तो रोशनी के आंचल को थामे चलता है। भागलपुर ने ऐसी कितनी अंधेरी रातें देखी हैं, कितने जख्म सहे हैं। फिर भी हर बार अजेय-पुर बन जाता है। ...जीतना भागलपुर की फितरत है। कोरोना की ये संक्रमित स्याह रात भी ढल जाएगी। देखना भागलपुर! भोर होते ही उम्मीद की किरण जरूर निकल आएगी।

- धैर्य रखें और सोशल
डिस्टेंसिंग का पालन करें

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