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दुस्साहस / नर्सों ने डॉक्टर को छेड़खानी का आरोप लगाकर पीटा, जान बचाकर भागे स्वास्थ्य कर्मी



डॉक्टर को चप्पल से पीटती नर्सें। डॉक्टर को चप्पल से पीटती नर्सें।
नर्सों ने दो घंटे तक हंगामा किया। नर्सों ने दो घंटे तक हंगामा किया।
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डॉक्टर को चप्पल से पीटती नर्सें।डॉक्टर को चप्पल से पीटती नर्सें।
नर्सों ने दो घंटे तक हंगामा किया।नर्सों ने दो घंटे तक हंगामा किया।

  • नर्सों का बवाल सदर अस्पताल में करीब दो घंटे तक चला

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 05:38 PM IST

कटिहार.  सदर अस्पताल स्थित नर्स प्रशिक्षण केंद्र की नर्सों ने शनिवार को एक डॉक्टर पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए जमकर पिटाई की। इस दौरान आरोपी डॉक्टर के साथ ही अन्य स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल से भागे। 

 

दो घंटे चला बवाल
बीच-बचाव करने आए सिविल सर्जन डॉक्टर मुर्तजा अली व अन्य एक डॉक्टर को भी नर्सों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। नर्सों का बवाल सदर अस्पताल में करीब दो घंटे तक चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही, तब जाकर मामला शांत हुआ है। एसडीओ नीरज कुमार व एसडीपीओ अनिल कुमार मय फोर्स सदर अस्पताल में कैंप किए हुए हैं।

 

नर्सों का आरोप डाक्टर जावेद करते हैं छेड़खानी 
विदित हो कि सदर अस्पताल में नर्स प्रशिक्षण केंद्र भी है। जहां सौ से अधिक नर्सों का प्रशिक्षण होता है। प्रशिक्षण ले रही नर्सों  का कहना है कि सदर अस्पताल में पदास्थापित डाक्टर जावेद बराबर नर्सों के साथ छेड़खानी करते हैं। इसकी शिकायत सिविल सर्जन से की गई थी। 

 

इसी कड़ी में शनिवार को सिविल सर्जन डॉक्टर मुर्तजा अली आरोपी डॉक्टर जावेद को बुलाकर अपने कार्यलय में समक्षा रहे थे। इसी दौरान नर्सो का हुजूम सिविल सर्जन के चेंबर में घुसकर जावेद पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए उसे सबक सिखाने के लिए अपने हवाले को करने को कहा। सिविल सर्जन ने कहा कि यह संभव नहीं है कि डॉक्टर को आपके हवाले कर दें और कानून आपके हाथ में दे दिया जाए।

 

दो घंटे तक अस्पताल में रही अफरा-तफरी
नर्सों के हंगामे के चलते सदर अस्पताल में दो घंटे तक अफरा-तफरी की स्थिति रही। मरीजों को भी समझ में नहीं आया कि यह क्या हो गया। मरीज भी अस्पताल से भागने लगे।

 

एसडीओ नीरज कुमार ने नर्सों को भरोसा दिलाया कि आप लोगों के साथ न्याय होगा और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी। तक जाकर नर्सों का गुस्सा शांत हुआ। नर्स प्रशिक्षण केंद्र की प्रभारी प्राचार्य माया कुमारी का भी समझाने- बुझाने का नर्सों पर कोई असर नहीं पड़ा।

 

अस्पताल में आक्रोशित नर्सों ने की तोड़फोड़
नर्सें सीएस का कुछ सुनने को तैयार नहीं थीं। उनके आक्रोश का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि सबों ने सीएस के चेंबर में ही डॉक्टर जावेद की खींचकर पिटाई करने लगी। बचाव के लिए उतरे सीए और डॉक्टर गोपालका भी इससे बच नहीं सके।

 

जमकर पिटाई होते देख डॉक्टर जावेद जान बचाकर भागे। अस्पताल परिसर में कई जगह छुपने का प्रयास किए। जहां-जहां वे भागे नर्सों ने वहां पहुंचकर उन्हें पीटा और अस्प्ताल परिसर में तोड़फोड़ भी की। 

 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ नीरज कुमार, एसडीपीओ अनिल कुमार, थानाध्यक्ष निर्मल यादवेंदु व सहायक थानाध्यक्ष किशोर कुमार काफी पुलिस लेकर मौके पर पहुंचे। लेकिन नर्सों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। नर्सों का कहना था कि कई बार डॉक्टर जावेद छेड़खानी कर चुका है। इसे सबक सिखाना जरूरी था। सिविल सर्जन से भी शिकायत की गई थी। 

 

मामले की हो रही है विस्तृत जांच
इस मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी इस मामले में बख्शा नहीं जाएगा। 
अनिल कुमार, एसडीपीओ

 

कानून को हाथ में लेने का अधिकारी किसी को नहीं है
यह बिल्कुल गलत है। कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है। चाहे वह नर्स हो या डॉक्टर हो। जब मैं डॉक्टर को समझा रहा था तो नर्सों को मारपीट नहीं करनी चाहिए। 
डॉक्टर मुर्तुजा अली, सीएस कटिहार

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