राजभवन काे न नए कुलपति मिल रहे न टीएमबीयू काे अधिकारी
टीएमबीयू के खाते में अधिकारियाें की घाेर कमी हाे गई है। कुलपति प्रभार में ताे हैं ही, अब डीएसडब्ल्यू अाैर प्राॅक्टर भी प्रभारी बना दिए गए हैं। एक तरफ राजभवन काे टीएमबीयू के लिए नियमित कुलपति नहीं मिल रहे हैं, दूसरी तरफ टीएमबीयू काे कई पदाें के लिए नए अधिकारी नहीं मिल रहे हैं। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि नए कुलपति की नियुक्ति हाेने तक कम से कम डीएसडब्ल्यू अाैर प्राॅक्टर के पदाें पर भी नियमित अधिकारी की नियुक्ति नहीं हाेगी। इन दाेनाें पदाें के 15 दिन से अधिक रिक्त रहने के बाद की गई वैकल्पिक व्यवस्था से यही माना जा रहा है।
नवंबर 2019 में ही लिया गया था अावेदन
कुलपति की नियुक्ति की बात करें ताे नवंबर 2019 में अावेदन लेने के बाद अब तक राजभवन ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। हालांकि मार्च में कुछ विश्वविद्यालयाें में नियुक्ति कुलपति की नियुक्ति हाेने से उम्मीद जगी है कि टीएमबीयू में भी नियमित कुलपति की नियुक्ति जल्द हाेगी।
दाे अधिकारियाें पर अब कई अाैर जिम्मेदारियां
पीजी हिन्दी के विभागाध्यक्ष प्राे. याेगेन्द्र काे डीएसडब्ल्यू का अतिरिक्त प्रभार देने अाैर काॅलेज इंस्पेक्टर डाॅ. सराेज राय काे प्राॅक्टर की अतिरिक्त जिम्मेदारी देने के बाद विश्वविद्यालय के ये दाेनाें पद अब रिक्त ताे नहीं रहे लेकिन अन्य अधिकारियाें का काम बढ़ गया है। प्राे. याेगेन्द्र पीजी हिन्दी के विभागाध्यक्ष के साथ डीएसडब्ल्यू का काम देखेंगे। अभी उन्हें मुख्य रूप से हाॅस्टलाें में नामांकन की प्रक्रिया देखनी हाेगी। हाे सकता है कि छात्र संघ चुनाव काे लेकर भी तैयारी करनी पड़े। काॅलेज इंस्पेक्टर काॅलेजाें के एफिलिएशन अाैर इसके लिए जारी नए रेगुलेशन के पालन का काम देखने के साथ अब विश्वविद्यालय की विधि-व्यवस्था भी देखेंगे। इस बीच उन्हें बीएड में नामांकन के लिए नाेडल अधिकारी भी बना दिया गया है। सीसीडीसी अभी पैट का रिजल्ट निकालने में जुटे हैं। हाल तक पीजी अाैर स्नातक में अाॅनलाइन नामांकन की प्रक्रिया देख रहे थे। स्नातक के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बची ही हुई है। अपना विभागीय काम भी है। एेसे में विश्वविद्यालय की संपत्ति की देखभाल का जिम्मा भी मिल गया है। इन तीनाें अधिकारियाें काे इन कार्याें के साथ कक्षाएं भी लेनी हैं।
टीएमबीयू में अब कुलपति से लेकर प्राॅक्टर व डीएसडब्ल्यू तक प्रभार में, अधिकारियों पर काम का बढ़ा बाेझ