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अब इतिहास के गेस्ट फैकल्टी हटाने में गड़बड़ी के अाराेप

एक वर्ष पहले
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{हटाए गए गेस्ट फैकल्टी ने कुलपति कार्यालय में दिया अावेदन

टीएमबीयू में अब इतिहास के गेस्ट फैकल्टी काे हटाने की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी के अाराेप लग रहे हैं। इससे पहले हिन्दी अाैर पाॅलिटिकल साइंस में गेस्ट फैकल्टी हटाने पर भी नियमाें की अनदेखी का अाराेप लग चुका है, जिसकी समीक्षा टीएमबीयू कर रहा है।

इतिहास की बात करें ताे इस विषय में मारवाड़ी काॅलेज से हटाए गए गेस्ट फैकल्टी डाॅ. विश्वनाथ ने कुलपति कार्यालय में अावेदन देकर गड़बड़ी का अाराेप लगाते हुए इसकी समीक्षा करने अाैर दाेबारा बहाल करने की मांग की है। डाॅ. विश्वनाथ ने कहा है कि उनका चयन पूर्व कुलपति प्राे. एनके झा के समय हुअा था। उनका चयन पहली पैनल सूची में ऊपरी क्रम पर हुअा था। प्राे. झा के बाद एक अाैर पैनल सूची में कुछ अाैर गेस्ट फैकल्टी का भी चयन हुअा था। इससे स्पष्ट है कि दूसरे पैनल में शामिल शिक्षक वरीयता क्रम में पहले पैनल के शिक्षकाें के बाद अाते हैं। लेकिन उन्हें हटा दिया गया अाैर उन्हीं की कैटेगरी में शामिल दूसरी पैनल सूची के शिक्षक काे नहीं हटाया गया।

दूसरी अाेर सूत्राें की मानें ताें दूसरी पैनल सूची में शामिल शिक्षक के पीएचडी के सात वेटेज अंक बाद में जाेड़ने की बात कह रहे हैं। इस मामले में प्रभारी कुलपति प्राे. एके राय ने बताया कि अावेदन मिला है। उन्हाेंने इसे संबंधित कमेटी काे भेज दिया है अाैर पड़ताल करने काे कहा है।

प्रभारी कुलपति प्राे. राय ने कहा कि साथ ही विश्वविद्यालय ने व्यवस्था बनाई है कि जिन्हें इस तरह की शिकायत है वे खुद भी अाकर चीजाें काे देख
सकते हैं।

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