रंग लाया संगठनों का विरोध, एसबीआई जोनल ऑफिस के भागलपुर में ही रहने पर शहर के व्यापारियों में खुशी
भारतीय स्टेट बैंक के जोनल ऑफिस के पूर्णिया में मर्ज करने के बैंक के प्रस्ताव का विरोध रंग लाया। व्यापारियों, आरटीआई एक्टिविस्ट और जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन और विरोध के बाद बैंक ने अपना फैसला बदला। अब भागलपुर का जोनल ऑफिस यहीं रहेगा। इसी जोनल दफ्तर में पूर्णिया जोनल ऑफिस भी मर्ज होगा। इसे एक मई से लागू कर दिया जाएगा। इसकी शुरुआत जनवरी में हुई थी। व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया था। एसबीआई के संरचना में हुई तब्दीली के बाद भी भागलपुर में जोनल दफ्तर बनाए रखने के फैसले पर सभी ने खुशी जताई है। ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने बताया, इस फैसले से भागलपुर समेत आसपास के क्षेत्र की बड़ी आबादी के साथ न्याय हुआ है। महासचिव आलोक अग्रवाल ने इसे संगठन एवं एकता की विजय बताया। बता दें कि पूर्णिया में भागलपुर के जोनल ऑफिस के प्रस्ताव का पहला विरोध ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने ही किया था। राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन ने वित्त मंत्री सेे मिलकर उन्हें भागलपुर में एसबीअाई के जोनल ऑफिस को बनाए रखने की भी बात कही थी।
ये मुश्किलें भी | सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया में उद्योगों को बढ़ावा देने की शासकीय योजना धीमी होगी। उद्योग लगाने और स्टार्टअप करने वालों को बड़े लोन लेने के लिए सामान्य ब्रांचों की तरह की परेशानी होगी। उन्हें भागलपुर जोनल ऑफिस की दौड़ लगानी होगी। इसमें काफी समय जाया होगा।
यह होगा फायदा भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई में बड़े उद्योग या कारोबार करने के लिए उद्योगपतियों को बड़े लोन सीधे मिल सकेंगे। औद्योगिक इकाइयों के विस्तार में मदद मिलेगी। लोगों का समय बचेगा।