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विभिन्न इमामबाड़ों पर मजलिस व मातम कर शिया समुदाय के लोगों ने किया गम का इजहार

मुहर्रम का चांद होने के बाद बुधवार को मुहर्रम की एक तारीख थी। इस मौके पर शहर के विभिन्न इमामाबाड़ों पर मजलिस का...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:40 AM IST
मुहर्रम का चांद होने के बाद बुधवार को मुहर्रम की एक तारीख थी। इस मौके पर शहर के विभिन्न इमामाबाड़ों पर मजलिस का आयोजन किया गया। बड़ा इमामबाड़ा असानंदपुर में दोपहर 12 बजे से मजलिस का आयोजन किया गया।

इस मौके पर मौलाना डा. सैयद मुस्लिम ने मजलिस को खिताब किया। मजलिस में मौलाना डा. सैयद मुस्लिम ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपनी व अपने संबंधियों की शहादत देकर इस्लाम धर्म की हिफाजत की। इमाम हुसैन की शहादत को याद करके इस माहे मुहर्रम में शिया समुदाय के लोग शोक मनाते हैं एवं नौहा व मातम करते है। मजलिस में बहुत सारे लोग मौजूद थे। वहीं असानंदपुर स्थित स्व. अली नवाब के इमामबाड़े पर मजलिस हुई। मजलिस को मौलाना फजले हसन ने खिताब किया। इसके अलावा लल्लो मियां के इमामबाड़ा मोहिउद्दीनपुर, मोजाहिदपुर, खलिफाबाग, नया बाजार में भी मजलिस हुई।

बागबाड़ी में नौ मुहर्रम तक रोजाना होगी मजलिस

बुधवार को मुहर्रम की पहली तारीख पर बागबाड़ी में भी मजलिस का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौलाना बाकर बलियावी ने मजलिस को खिताब किया। यहां नौ मुहर्रम तक रोजाना सुबह आठ बजे से मजलिस होगी। उसके बाद मुगलपुरा वक्फ इमामबाड़ा में रात के दस बजे मजलिस हुई। शाम 6.30 में शाह जफर अहमद मरकजी टोला में मजलिस हुआ। मजलिस को जनाब नासिर हुसैन ने खिताब किया। साढ़े सात बजे बीबी का डोला शकरुल्लाचक में मजलिस हुआ। इमामबाड़ा शफक भागलपुरी मुगलपुरा में बाकर बलियावी ने मजलिस पढ़ा। वक्फ इमामबाड़ा मुगलपुरा में मो. फैज ने मजलिस पढ़ा।

असानंदपुर बड़ा इमामबाड़ा में मजलिस करते मौलाना डॉ.सैय्यद मुस्लिम साहब