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पीएचईडी ने जिलों से मांगी खराब और बंद पड़े चापाकलों की सूची

एक वर्ष पहले
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सरकार ने राज्य के कई जिलों में भूजल के गिरते जलस्तर को देखते हुए अभी से ही संभावित सुखाड़ के दौरान पेयजल के संकट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को बंद चापाकलों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। अपने आदेश में विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों को सूची तैयार कर इसकी मरम्मत कराने के लिए कहा है। नगर निकायों में सूची तैयार करने की जिम्मेदारी निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों की सूची प्रखंड विकास पदाधिकारी तैयार करेंगे। अनुसूचित जाति के टोलों में बंद चापाकलों की सूची अलग से तैयार की जाएगी। सूची प्रखंडवार तैयार की जाएगी।

15 दिनों में होगी मरम्मत

विभाग ने कार्यपालक अभियंताओं को बंद पड़े चापाकलों की 15 दिनों में मरम्मत कराने का निर्देश दिया है।

सुखाड़ के संभावित जिले : पटना, मुजफ्फरपुर, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, गया, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, सारण, सीवान, गोपालगंज, बांका, भागलपुर, जमुई, शेखपुरा, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुंगेर और सहरसा।
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