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जांच / प्लॉटर के घर चली थी गोली, घर में और कपड़ों पर मिले खून के निशान, परिजनों पर शक



अस्पताल में भर्ती राजू यादव का भाई पिंटू यादव। अस्पताल में भर्ती राजू यादव का भाई पिंटू यादव।
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अस्पताल में भर्ती राजू यादव का भाई पिंटू यादव।अस्पताल में भर्ती राजू यादव का भाई पिंटू यादव।

  • घरवालों ने गोली चलने के बाद गिरे खून को सबूत मिटाने के उद्देश्य से धो डाला

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2018, 01:25 PM IST

भागलपुर.   बरारी श्मशान घाट रोड स्थित शीतला स्थान के पास प्लॉटर राजेश उर्फ राजू यादव के घर गोली चलने और उसके छोटे भाई विमल उर्फ पिंटू के जख्मी होने की घटना की एफएसएल टीम ने तहकीकात की। 

 

घरवालों ने की खून के धब्बे मिटाने की कोशिश
शनिवार को पटना से पहुंची फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) टीम ने शनिवार दोपहर जांच के दौरान घर कुछ जगहों पर खून के धब्बे पाए। इसके अलावे कुछ कपड़ों में खून के छींटे लगने के सबूत भी जुटाए। टीम ने पाया कि घरवालों ने गोली चलने के बाद गिरे खून को सबूत मिटाने के उद्देश्य से धो डाले। टीम ने नाले के पास भी बह रहे पानी में खून के धब्बे जुटाने की कोशिश की। टीम घटनास्थल पर मिले खून के धब्बों का सैंपल साथ ले गई है।

 

जख्मी के भाई ने नहीं दी पुख्ता जानकारी
उधर, एसएसपी आशीष भारती के आदेश पर बरारी व जीरोमाइल पुलिस ने शनिवार को भी परिजनों से बात करने की कोशिश की। सिटी डीएसपी राजवंश सिंह ने बताया कि घरवालों ने गोलीबारी का कारण पिंटू की पत्नी से विवाद होना और विवाद के बाद डिप्रेशन में खुद को गोली मारने की बात कही है। लेकिन इस तथ्य पर जब बयान लेने की कोशिश की गई तो सभी मुकर गए। पुलिस को जख्मी के भाई राजू ने भी पुख्ता जानकारी नहीं दी। 

 

बयान देने से मुकर गई ममता
सुबह में पिंटू की पत्नी ममता कुमार भी बयान देने से मुकर गई थी, लेकिन देर शाम उसने अपना बयान दर्ज कराया है। जिसमें उसने कहा है कि वह पति के साथ कमरे में थी, तभी बाहर से पति को पुकारने की आवाज आई। इस पर पति दरवाजे पर गए तो गोली की आवाज सुनाई दी। वह निकली तो पति खून से लथपथ दिखे। उसने किसी को गोली मारते नहीं देखा। पुलिस को अब भी शक है कि गोलीबारी के पीछे कोई ना कोई घरेलू विवाद ही है। इस घटना के पीछे कहीं न कहीं परिजनों का ही हाथ हो सकता है, पुलिस इसकी तहकीकात कर रही है। एक-दो दिनों में घटना का खुलासा हो जाएगा। 

 

गोली चलने की वजह पारिवारिक विवाद
पिंटू के जख्मी होने के पीछे पारिवारिक विवाद ही है। शनिवार को पिंटू के चाचा सोती यादव की हत्या में छह आरोपियों काे कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। सिंघारा के विवाद में सोती की हत्या 18 जनवरी 2001 को रेलवे क्वार्टर के पास गोली मारकर कर दी गई थी। इस कांड में सूचक पिंटू का बड़ा भाई राजेश उर्फ राजू यादव था। 

 

भतीजा के नाते राजू ने सोती की संपत्ति पर अधिकार कर लिया था। इस कांड में पिंटू ने भी गवाही दी थी, जिसमें उसने घटना को सही बताया था। लेकिन सूचक के नाते राजू व अन्य गवाह कोर्ट में मुकर गए थे। जिस कारण कारू यादव समेत छह आरोपी बरी करार दिए गए। देर शाम पिंटू और राजू में इसी बात पर बहस हो गई और दोनों ने एक दूसरे पर गोली चला दी। राजू बच गया, जबकि पिंटू जख्मी हो गया।

 

पिंटू यादव खतरे से बाहर, निकाली गोली
उधर, मायागंज अस्पताल में भर्ती जख्मी पिंटू यादव के पेट से गोली निकल गई है और वह खतरे से बाहर है, लेकिन अभी बेहोश है। शनिवार को थोड़ी देर के लिए उसे होश आया था, लेकिन बाद में वह बेहोश हो गया। इस कारण पुलिस उसका फर्द बयान नहीं ले सकी थी। डीएसपी ने बताया कि पिंटू को गोली छह फीट के नजदीक से मारी गई है। बॉडी स्पॉट पर जला हुआ काला निशान भी है।

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