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स्कूलों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग की योजना, ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने के लिए हर स्कूल को 80 हजार

एक वर्ष पहले
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स्कूलों की छतों पर बारिश के पानी को एकत्र कर पाइप व टैंक के माध्यम से ग्राउंड रिचार्ज किया जाएगा। प्राथमिक से लेकर हाईस्कूलों की छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की योजना है। जल जीवन हरियाली योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में वर्षा जल संचय के लिए 80 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। स्कूलों में फेज वार इस योजना को पूरा किया जाना है। शिक्षा विभाग ने 2020-21 में इस योजना में प्रारंभिक स्कूलों में 50 करोड़ और माध्यमिक स्कूलों में 23 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। वर्षा जल का संचय कर इसका उपयोग किया जाएगा। मिड डे मिल में उपयोग होने वाली सब्जी उगाने में इस पानी का उपयोग हो सकता है। वाटर हार्वेस्टिंग से ग्राउंड रिचार्ज होगा। बच्चों को वाटर हार्वेस्टिंग के फायदे बताए जाएंगे। गांव के लोगों को भी स्कूल में इस प्रकार के वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल के जरिये निजी घरों में भी जल संचय का संदेश दिया जाएगा। जल स्रोत के नीचे सिसकने और असमय बारिश से पानी की कमी की समस्या दूर करने के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत विभिन्न विभागों में 11 प्रकार के कार्यक्रम लिए गए हैं।

पटना के 100, नालंदा 71, भोजपुर 78, बक्सर 56, रोहतास 91, कैमूर 100, गया 100, जहानाबाद 36, औरंगाबाद 100, नवादा 99, अरवल 15, मुजफ्फरपुर 100, सीतामढ़ी 90, वैशाली 98, शिवहर 23, पूर्वी चंपारण 118, पश्चिम चंपारण 100, मधुबनी 100, समस्तीपुर 100, सारण 53, सीवान 89, गोपालगंज 86, मुंगेर 47, शेखपुरा 28, लखीसराय 38, जमुई 100, खगड़िया 66, बेगूसराय 100, पूर्णिया 100, कटिहार 100, अररिया 100, किशनगंज 100, भागलपुर 100, बांका 82, सहरसा 61, सुपौल 100 और मधेपुरा के 100 स्कूलों में वर्षा जल संचय के लिए शिक्षा विभाग से राशि भेजी गई है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग

वर्षा के पानी को बहने से रोकने का तरीका है। स्कूलों या घरों के छतों पर गिरने वाले वर्षा की बूंदों को एक टैंक में जमा कर लिया जाता है। इस पानी का उपयोग शौचालय के साथ अन्य कार्य में लिया जा सकता है। पानी को जमीन के अंदर भेज दिया जाता है। इससे ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है। चापाकल और अन्य जल स्रोत बेहतर काम करने में इससे मदद मिलेगी।

वर्षा जल संचय के लिए 25 करोड़ की राशि जारी

2019-20 में 3125 मध्य विद्यालयों में जल जीवन हरियाली योजना के तहत वर्षा जल संचय के लिए 25 करोड़ की राशि जारी की गई थी। योजना का क्रियान्वयन संबंधित विद्यालय शिक्षा समिति को करना है। योजना की मॉनीटरिंग और मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक, जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान व प्रारंभिक शिक्षा एवं राज्य स्तर पर बीईपी के एसपीडी व प्राथमिक शिक्षा निदेशक करेंगे। इसी प्रकार माध्यमिक स्कूलों के लिए डीईओ, डीपीओ के साथ माध्यमिक शिक्षा निदेशक मॉनीटरिंग करेंगे।

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