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गेस्ट फैकल्टी हटाने की प्रक्रिया की समीक्षा शुरू

एक वर्ष पहले
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टीएमबीयू ने पाॅलिटिकल साइंस, हिन्दी अाैर उर्दू के 17 गेस्ट फैकल्टी काे हटाए जाने की प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है। शिक्षकाें काे हटाने के बाद इसकी प्रक्रिया में पिक एंड चूज का अाराेप लगा था अाैर हटाए गए गेस्ट फैकल्टी ने कई दावे किए थे।

इन अारापाें की भी पड़ताल शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि गुरुवार से टीएमबीयू खुलने के बाद मामले काे लेकर काेई ठाेस निर्णय लिया जा सकता है। हटाए गए गेस्ट फैकल्टी प्रभारी कुलपति प्राे. एके राय से मिले थे।

टीएमबीयू गेस्ट फैकल्टी संघ अाैर राज्य संघ ने भी प्रभारी कुलपति से मिलकर हटाए उन्हें बहाल करने की मांग की थी। भूटा के अध्यक्ष डाॅ. मिहिर माेहन मिश्र अाैर महासचिव डाॅ. पवन कुमार सिंह ने भी टीएमबीयू प्रशासन से मांग की थी कि गेस्ट फैकल्टी के हटने से शिक्षकाें की जाे कमी काॅलेजाें में हुई है, उसे दूर किया जाए। प्रभारी कुलपति ने अाश्वासन दिया था कि पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।

जिस महिला गेस्ट फैकल्टी की मौत हो चुकी है उसका नाम भी छंटनी में

कुछ हटाए गए गेस्ट फैकल्टी ने यह अाराेप भी लगाया था कि जिस महिला गेस्ट फैकल्टी का देहांत हाे चुका है, उसका भी छंटनी में नाम है। वैसे गेस्ट फैकल्टी काे हटाने का भी अाराेप लगाया था जाे जाॅब छाेड़ चुका है। इस कड़ी में एक अाराेप यह भी था कि जाे गेस्ट फैकल्टी लंबे समय से काॅलेज नहीं जा रहा, उसका भी लिस्ट में नाम है। यानी ये पद एक तरह से पहले से ही खाली थे, इसके बावजूद हटाने की कार्रवाई दिखाकर केवल खानापूरी की गई। दरअसल गेस्ट फैकल्टी काे हटाने की प्रक्रिया इसलिए करनी पड़ी थी क्याेंकि पुराने नियमित, बीपीएससी से चयनित अाैर गेस्ट फैकल्टी काे मिलाकर कुल पदाें से अधिक शिक्षक हाे गए थे।
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