विज्ञान प्रतियाेगिता में नहीं लेते हैं रुचि प्राेत्साहन से हैं वंचित
स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए शिक्षा विभाग विज्ञान से संबंधित प्रतियाेगिताएं करा रहा है। मगर साइंस व मैथ्स प्रतियाेगिता, एक्जीबिशन अाैर नाटक प्रतियाेगिता में स्कूलाें की सहभागिता काफी कम है। इसमें न ताे जिले के छात्र-छात्राएं रुचि ले रहे हैं न साइंस टीचर और एचएम इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वर्ग छठी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थी यदि उनमें नई खोज करने की इच्छा है तो वह स्कूल के जरिए अावेदन करते हैं। मगर जिले के सरकारी स्कूल बुनियादी शिक्षा भी नहीं दे पा रहे हैं। एेसे में बच्चाें में वैज्ञानिक साेच विकसित करना उन्हें जरूरी नहीं लगता। इस बार भी जिले के सिर्फ अाठ स्कूलों ने विभिन्न प्रतियाेगिता में शामिल हुए। साइंस टीचर और प्रधानाध्यापक छात्रों काे इन प्रतियाेगिता के लिए तैयार करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इस मामले में लापरवाही बरते जाने पर प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध कार्यवाही भी हाेने की बात है, मगर विभाग ने किसी
भी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई नहीं की।
इनोवेशन में रुचि हाे ताे मिलता है नकद पुरस्कार
साइंस की प्रतियाेगिता के तहत ही इंस्पायर अवार्ड दिया जाता है। इसमें श्रेष्ठ इनाेवेटिव छात्राें काे प्रोत्साहन के लिए दस हजार रुपए दिए जाते हैं। इंस्पायर अवॉर्ड में चयनित स्कूली बच्चों के आइडिया को राष्ट्रपति भवन जाने तक का मौका मिल सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गाइड मॉडल बनाने में छात्र छात्रों की सहायता करते हैं। इस तरह एक हजार आइडिया का चयन राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के लिए होता है। ये आईआईटी दिल्ली में लगाई जाती है। मगर इसमें भी छात्र शामिल नहीं हाेते हैं। श्याम सुंदर स्कूल में कमरे की कमी की वजह से प्रयाेगशाला हमेशा बंद रहता है। यहां छात्राें काे कभी प्रायाेगिक क्लास करने का माैका नहीं मिलता है। एेसे में छात्र बुनियादी प्रयाेग भी नहीं कर पाते हैं। एेसे में इनाेवेशन पर काम करना संभव नहीं है। चांदी पट्टी हाई स्कूल में पूरी प्रयाेगशाला सिर्फ एक छाेटे से शेल्फ पर सिमटी हुई है।
स्कूलाें काे देंगे संसाधन
स्कूलाें में विज्ञान शिक्षकाें की कमी है। बहाली की प्रक्रिया चल रही है। गेस्ट शिक्षक भी बहाल किए गए हैं। छात्र-छात्राअाें काे विज्ञान के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्कूलाें काे संसाधन भी मुहैया कराए गए हैं।
संजय सिंह, प्रभारी डीईअाे