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- Bhagalpur News Seats Were Increased Thrice In 8 Years But The New Government Colleges Did Not Open And Did Not Remove The Outdoor Subjects So 20 Thousand Seats Were Vacant
8 साल में तीन बार सीटें बढ़ीं पर नए सरकारी काॅलेज नहीं खुले आउटडेटेड सब्जेक्ट नहीं हटाए, इसलिए 20 हजार सीटें थीं खाली
अाठ साल में तीन बार छात्राें की सीटें बढीं, लेकिन काॅलेज अाधे से भी कम रह गए। टीएमबीयू में पहले 29 सरकारी काॅलेज थे, लेकिन मुंंगेर यूनिवर्सिटी के अलग होने के बाद सिर्फ 12 सरकारी काॅलेज ही रह गए। इनमें भी लाॅ काॅलेज केवल विधि की पढ़ाई के लिए है। हालांकि एफिलिएटेड काॅलेजाें के मामले में भी टीएमबीयू की स्थिति यह है कि अब केवल 11 एफिलिएटेड काॅलेज हैं। लेकिन कुछ छात्राें काे छाेड़ ज्यादातर का प्रयास टीएनबी, मारवाड़ी काॅलेज, एसएम काॅलेज या दूसरे सरकारी काॅलेजों में नामांकन लेने का हाेता है। इनमें नामांकन नहीं मिलने के बाद ही छात्र एफिलिएटेड काॅलेजाें का रुख करते हैं। लेकिन टीएमबीयू में अब एेसे काॅलेजाें की कमी हाे गई। दूसरी तरफ तीन साल में प्रस्ताव अाने के बावजूद टीएमबीयू में नए काॅलेज नहीं खुले। इसका असर दाखिले पर पड़ रहा है।
पिछली बार लगभग 20 हजार सीटें रह गई थीं खाली
पिछली बार टीएमबीयू में स्नातक की लगभग 20 हजार सीटें खाली रह गई थीं। अाॅनलाइन सिस्टम से हुए अावेदन में छात्राें के पास अच्छे काॅलेज के विकल्प कम होने से ऐसी स्थिति बनी। काॅलेज कम थे अाैर जाे थे उनमें सीटें निर्धारित थीं। हालांकि इन 20 हजार सीटाें में बड़ी संख्या उन विषयाें की थी, जिनमें छात्राें ने नहीं के बराबर अावेदन किया था।
दाखिले के समय टीएमबीयू ने यह भी माना था कि कई छात्र काॅलेजाें की कमी अाैर सीटें निर्धारित रहने के कारण भी नामांकन नहीं ले सके थे। मेरिट लिस्ट में ज्यादा बेहतर रहे छात्राें से ही अच्छे काॅलेजाें में सीटें भर गई थीं अाैर साइंस, अंग्रेजी, हिन्दी, इतिहास, अर्थशास्त्र, पाॅलिटिकल साइंस में थाेड़े कम अंक वाले छात्राें का दाखिला नहीं हाे सका था।
एेसे बढ़ाई गईं हर सब्जेक्ट में सीटें
साल पुरानी सीटें बढ़ीं सीटें
2012 130 198
---- 198 225
2018 225 338
(ग्रेजुएशन के सभी विषयों में इसी तरह सीटें बढ़ती रहीं।)
लाॅ काॅलेज छाेड़ सिर्फ 11 सरकारी काॅलेज
टीएनबी काॅलेज, मारवाड़ी काॅलेज, एसएम काॅलेज, बीएन काॅलेज, सबाैर काॅलेज, एसएसवी काॅलेज, जीबी काॅलेज, एमएएम काॅलेज, जेपी काॅलेज, मुरारका काॅलेज, पीबीएस काॅलेज
प्रस्ताव ठंडे बस्ते | टीएमबीयू के एक अधिकारी ने बताया कि नए काॅलेज, जिसमें महिला काॅलेज खाेलने का भी प्रस्ताव था। इस पर दाे बार विचार किया गया, लेकिन अब यह मामला ठंडे बस्ते में है। यदि नए कॉलेज खुले तो करीब 5 हजार छात्रों का प्रवेश हो सकता है।