पत्थर से कूचा, घर से खींच सड़क पर लाया, गंड़ासा से काट कर मार डाला

3 वर्ष पहले
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क्राइम रिपोर्टर | भागलपुर / जगदीशपुर

गोराडीह के पश्चिम टोला में मंगलवार शाम शराब के नशे में धुत बड़े बेटे को उसके पिता अौर छोटे भाई ने मिल कर गड़ासा से काट डाला। मौके पर सुरेश मंडल (32) की मौत हो गई। अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। शराब के नशे में सुरेश ने गड़ासा से अपने पिता शिव नारायण मंडल अौर मां हीरा देवी को मारकर जख्मी कर दिया था। पुलिस की अभिरक्षा में दोनों का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है। जख्मी शिवनारायण ने बताया कि उसका बड़ा सुरेश अक्सर शराब के नशे में अाकर घर के सारे सदस्यों के साथ मारपीट, गाली-गलौज करता था। मंगलवार दोपहर में भी सुरेश शराब के नशे में गड़ासा लेकर अाया अौर सीधे मुझ पर चला दिया। इसमें शिवनारायण जख्मी हो गया। पति को बचाने अाई प|ी गीता देवी को भी सुरेश ने मारकर जख्मी कर दिया। यह देख छोटा भाई अाशीष वहां पहुंचे अौर सुरेश के हाथ से गड़ासा छीन लिया अौर पिता के साथ मिलकर भाई को घर में ही काट डाला। घटना की जानकारी पाकर गोराडीह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की अौर सुरेश, शिवनारायण, हीरा व गीता को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल लाया, जहां सुरेश को मृत घोषित कर दिया गया। शेष का इलाज जारी है। उधर, घटना के काफी देर बाद गांववालों ने मुख्य आरोपी आशीष को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आशीष व उसके पिता शिवनारायण की बेरहमी इतनी थी कि ग्रामीणों के सामने ही सुरेश पर गड़ासे से करीब 20 मिनट तक वार करता रहा, जब तक वह मरा नहीं। आशीष सुरेश के चार माह के बच्चे को भी मारना चाहता था। लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।

हिंसा की खबर

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सुरेश मंडल की फाइल फोटो।

ग्रामीणों के सामने गंड़ासे से करीब 20 मिनट तक करता रहा वार आरोपी आशीष को गांववालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया

तेज हथियार के भय से कोई बचाने नहीं आया

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुरेश के माता-पिता एवं उनके छोटे भाई ने उन्हें घर से खींच कर बीच सड़क पर लाकर पटक दिया और तीनों मिलकर उन्हें पहले ईंट-पत्थर से कुचलना चालू कर दिया। फिर धारदार गड़ासे से उन्हें करीब आधे घंटे तक काटता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक ने बचने का बहुत प्रयास किया लेकिन उनके पिता शिवनारायण मंडल ने उन्हें पकड़ कर रखा था और उनके आशीष मंडल उसे बेरहमी से काटता रहा। इस बीच वहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे भी जुट गए लेकिन हथियार के भय से किसी ने उसे बचाने का साहस नहीं किया।

थानेदार काे हटाने को ग्रामीणाें ने प्रदर्शान किया।

पुलिस समय से मौके पर आती तो बच सकती थी सुरेश की जान

इसी बीच गीता रोते हुए थाना गई लेकिन थानेदार ने उन्हें गाली-गलौज करके भगा दिया। ग्रामीणों की मानें तो अगर पुलिस मौके पर पहुंच जाती तो निर्मम हत्या नहीं हो पाती। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेश पिता से घर बनाने के लिए जमीन मांग रहा था। इसी को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले भी सुरेश को मारपीट कर हाथ-पैर तोड़ दिया था। उसमें थाने में केस भी हुआ था।

थानेदार को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

बता दें कि मृतक तीन भाई है और यह दूसरे नंबर पर था। यह टाटा में रहकर ट्रक चलाकर अपना जीवन यापन कर रहा था। करीब 3 साल पूर्व उनकी शादी हुई थी और 4 माह का एक मासूम बेटा भी है। ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना में उनकी प|ी को भी जख्मी कर दिया गया है और उनके मासूम बच्चे को भी मारना चाह रहा था। लेकिन ग्रामीणों ने उसे किसी प्रकार बचा लिया। देर शाम ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। वे लोग थानेदार को हटाने की मांग कर रहे थे। कहा, थानाध्यक्ष को अगर शीघ्र नहीं हटाया गया तो हम लोग इसके खिलाफ सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे।

आज तीनों को भेजा जाएगा जेल

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसे बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा। - मनीष कुमार, थानाध्यक्ष, गोराडीह

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