एजेंसियों ने बिना अनुमति लगाए 400 से अधिक हाेर्डिंग, निगम काे 25 लाख बकाया भी नहीं दिया

Bhagalpur News - शहर में अवैध होर्डिंग का कारोबार जोरों पर है। नगर निगम ने शहर में महज 125 होर्डिंग और 40 यूनिपोल पर ही विज्ञापन लगाने...

Oct 13, 2019, 06:51 AM IST
शहर में अवैध होर्डिंग का कारोबार जोरों पर है। नगर निगम ने शहर में महज 125 होर्डिंग और 40 यूनिपोल पर ही विज्ञापन लगाने की अनुमति दी, लेकिन होर्डिंग के अवैध कारोबारियों ने पूरे शहर को अवैध विज्ञापनों से पाट दिया। वे हर साल निगम के खजाने काे करीब 35 लाख रुपए का चूना लगा रहे हैं। इस साल ताे बिना अनुमति लिये ही हाेर्डिंग लगा दिये। इतना ही नहीं, निगम ने जिन्हें ऐसे होर्डिंग और यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने की अनुमति दी, उनसे अफसर किराया तक नहीं वसूल पा रहे हैं। आलम यह है कि एक ही साल में अनुमति लेने वालों ने निगम के 25 लाख डकार लिए।

अब निगम के अफसर और अवैध कारोबारियों की मिलीभगत से सजे होर्डिंग के बाजार की पोल खुली तो जिम्मेदार वसूली की बात कर रहे हैं। दो दिन पहले निगम ने इश्तेहार देकर अवैध होर्डिंग लगाने और बकाया न जमा करने वालों पर काईवाई की चेतावनी दी है। उन्हें 30 अक्टूबर तक बकाया जमा करने और अवैध होर्डिंग काे उतारने को कहा है। निगम ने 2017 तक शहर में होर्डिंग के लिए 18 एजेंसियां चिह्नित की थी। एजेंसियों ने जीरोमाइल से लेकर शहर तक में 20 गुणा 50 फीट से लेकर छोटे होर्डिंग तक खड़े कर दिए। महज 200 होर्डिंग की जानकारी निगम को दी। लेकिन उससे ज्यादा लगा दिये। निगम ने 54 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से सभी होर्डिंग से एक साल में 25 लाख जमा करने को कहा। अधिकांश एजेंसियों ने यह राशि जमा करना तो दूर शहर में अवैध होर्डिंग का जंजाल बना दिया।

पिछले साल 125 स्थानों पर होर्डिंग व 40 यूनिपोल की अनुमति दी गई थी

शहर के घंटाघर चाैक पर लगाए गए कई हाेर्डिंगों को अवैध तरीके से लगाया गया है।

इस साल करार काे रिन्यू कराए बिना ही जारी रखा काराेबार

इस साल किसी भी एजेंसी को होर्डिंग और यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं दी गई। बावजूद शहर में 400 से ज्यादा होर्डिंग लगे हैं। इसका किराया भी निगम को नहीं दिया जा रहा। करीब 125 स्थानों पर होर्डिंग और 40 यूनिपोल की अनुमति 2018 में दी गई थी। इसी आधार पर एजेंसियों ने इस वर्ष भी रिन्यू समझ लिया।

35 लाख तो वसूले पर बाकी वसूल पाने में निगम नाकाम

निगम ने एजेंसियाें पर दबाव डाला ताे इस साल करीब 35 लाख रुपए की वसूली हुई। लेकिन बाकी 25 लाख वसूलने में निगम पूरी तरह नाकाम रहा। एजेंसियां निगम अफसरों की मिलीभगत से ही बरसों से ऐसे खेल कर रही है। निगम के खजाने में पैसा जमा करने की बजाय जिम्मेदारों की जेब गर्म कर एजेंसियां चांदी काट रही हैं।

एजेंसियाें काे होर्डिंग उतारने काे कहा है

एजेंसियाें काे होर्डिंग उतारने और बकाया जमा करने के आदेश दिए गए हैं। 30 अक्टूबर एेसा न करने पर कार्रवाई होगी। - सत्येंद्र प्रसाद वर्मा, पीआरओ, नगर निगम

गड़बड़ी सामने आने लगी तो जागा निगम, एजेंसी को दी चेतावनी

निगम अफसरों की मिलीभगत से हो रही गड़बड़ी जब सामने आई तो जिम्मेदार जागे और इश्तेहार देकर एजेंसियों को चेतावनी दी। कार्रवाई करने की भी बात कही। निगम ने सभी एजेंसियों को कहा है कि अवैध होर्डिंग उतार लें। निगम ने बकाया राशि भी 30 अक्टूबर तक जमा कर दें। ऐसा न करने पर निगम कार्रवाई करेगा।

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