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आजादी के पहले से कांग्रेस की भूमिका रही संदेहास्पद

एक वर्ष पहले
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने लोकसभा में कांग्रेस पर देश में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली में दंगा फैलाने में अहम भूमिका निभायी है। कांग्रेस लोगों को बांटकर राज करने में विश्वास करती है। आजादी के बाद से ही उनकी भूमिका संदेहास्पद रही है। उन्होंने सोनिया गांधी के भाषण को उद्धृत करते हुए कहा कि उन्होंने आर-पार की लड़ाई के लिए लोगों को उकसाया, कहा था कि अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ती है। उनकी लड़की ने भी ऐसी बातों का प्रयोग किया। अगले दिन से शाहीनबाग में धरना शुरू हो जाता है। कपिल मिश्रा पर आरोप लगता है, पर भड़काने वाली बातें कहां से आई सब देख रहे हैं।

जो यह कहते हैं कि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो तो दिखा दें, या फिर 15 करोड़ लोग 100 करोड़ पर भारी पड़ेगा। ये कैसी बातें हैं? दिल्ली दंगा के लिए लोगों को भड़काने वाले, महिलाओं को डीसीपी को बुलाकर हिंसा करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। वहां आईएसआई माड्यूल पकड़ा गया। एक घर से तेजाब की फैक्ट्री पकड़ी गई। पेट्रोल बम और बड़े-बड़े गुलेल मिले। घर के ऊपर पत्थर जमा किए गए थे। आईबी ऑफिसर के शरीर पर कई वार किए गए, बच्चियों से दुर्व्यवहार के सबूत मिले हैं। कई लोग पहले आग लगाते हैं और फिर पीड़ित के रूप में सामने आ जाते हैं।

लोकसभा में बोले संजय जायसवाल

नेहरू के शासनकाल में
16 राज्यों में हुए 243 दंगे


डॉ. जायसवाल ने कहा कि आजादी के पहले से कांग्रेस की भूमिका सांप्रदायिक रही है। 1924 में तुर्की के खलीफा को हटाने के विरोध में भारत में आंदोलन होता है और कांग्रेस इसमें सहभागी होती है। यहां लोगों से इसका विरोध करने के लिए कहा जाता है। दिल्ली में 1984 में हजारों सिखों की हत्या होती है। राजीव गांधी कहते हैं बड़ा पेड़ गिरने पर आवाज होती ही है। नेहरू के शासनकाल में 16 राज्यों में 243 दंगे हुए, इंदिरा के समय 15 राज्यों मे 337 औ राजीव के समय 16 राज्यों में 291 दंगे हुए। बिहार में भागलपुर में दंगा हुआ। अपने भाषण के दौरान उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा किया।
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