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टीएमबीयू प्रशासन ने ताेड़ी अपनी चुप्पी, अब होगी जांच

एक वर्ष पहले
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एसएम काॅलेज के पीजी इतिहास विभाग में निर्धारित संख्या से अधिक दाखिले पर, जहां एक अाेर इस विभाग के हेड डाॅ. रमन सिन्हा अाैर प्राचार्य डाॅ. अर्चना ठाकुर अलग-अलग दावे कर रहे हैं, वहीं पूरे मामले में अब तक चुप रहे टीएमबीयू प्रशासन ने अपनी चुप्पी ताेड़ी है। अधिक नामांकन की जांच हाेगी अाैर देखा जाएगा कि प्राचार्य ने किस अाधार पर सीट से अधिक नामांकन लिया। प्रभारी कुलपति प्राे. एके राय ने बताया कि उन्हें रमन सिन्हा का पत्र शनिवार काे मिला। उन्हाेंने नामांकन कमेटी काे निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर बताए कि नामांकन सही हुअा है या गलत। नामांकन कमेटी काे यह भी बताने काे कहा गया है कि प्राचार्य ने सीट से अधिक नामांकन किस अाधार पर लिया। बता दें कि एक दिन पहले शुक्रवार काे रमन सिन्हा की अाेर से अधिक दाखिले की शिकायत अाैर खुद काे पीजी के कार्याें से अलग रखने का पत्र रजिस्ट्रार काे दिया था।

हेड ने प्राचार्य अाैर प्राचार्य ने यूएमअाईएस पर लगाया अाराेप


प्रतिकुलपति से लेकर सीसीडीसी तक के पास उठता रहा मामला

पहली बार यह मामला नामांकन नाेडल पदाधिकारी डाॅ. कमल प्रसाद ने उठाया था अाैर इसकी जानकारी प्रतिकुलपति प्राे. रामयतन प्रसाद काे दी थी। लेकिन प्रतिकुलपति ने तब इसे गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि कमल प्रसाद बार-बार यह कहते रहे हैं कि अाॅनलाइन नामांकन से अलग जिनका भी दाखिला हुअा है, उनका रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे अलावा अलग-अलग समय पर दाे बार यह मामला प्रतिकुलपति से लेकर सीसीडीसी तक के पास उठता रहा। लेकिन प्रतिकुलपति पड़ताल के लिए सीसीडीसी अाैर सीसीडीसी नामांकन नाेडल अधिकारी काे अधिकृत बताते रहे। इस बीच अर्चना ठाकुर अाैर रमन सिन्हा के बीच यह विवाद बढ़ता ही रहा। अब रमन सिन्हा ने जहां इस तरह के नामांकन के लिए प्राचार्य काे जिम्मेदार ठहराया है, वहीं प्राचार्य इसे यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफाॅर्मेशन सिस्टम की गलती बता रही हैं। यानी इस मामले में एक पक्ष टीएमबीयू का यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफाॅर्मेशन सिस्टम भी बन गया है।

विवाद को बताया जा रहा प्राचार्य पद पर दावेदारी की खींचतान का ट्रेलर

उधर, एसएम काॅलेज में इस विवाद काे प्राचार्य पद पर खींचतान का ट्रेलर बताया जाने लगा है। अर्चना ठाकुर के रिटायर हाेने पर वरीयता के अाधार पर डाॅ. रमन सिन्हा के प्राचार्य बनने की बात कही जा रही है। लेकिन काॅलेज की कुछ वरीय महिला शिक्षकाें का कहना है कि उन्हें महिला काॅलेज में पुरुष प्राचार्य मंजूर नहीं हाेगा। इन शिक्षकाें का कहना है कि नामांकन मामले में अर्चना ठाकुर पर कार्रवाई हाेती है अाैर रमन सिन्हा प्राचार्य बनते हैं ताे वे लाेग विराेध करेंगी। लेकिन रमन सिन्हा का कहना है कि दाेनाें अलग मामले हैं। प्राचार्य का पद टीएमबीयू तय करेगा। रही बात अधिक नामांकन की ताे यह गलत है, इसकी जांच हाेनी चाहिए। दूसरी तरफ जानकाराें ने बताया कि 2008 में डाॅ. रामदयाल सिंह एसएम काॅलेज के प्राचार्य रह चुके हैं। इसलिए महिला काॅलेज में पुरुष प्राचार्य काेई मुद्दा नहीं है।
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