परिवहन विभाग के पास फिर फंसा प्रस्ताव मालवाहक जहाज चलाने की याेजना अटकी

Bhagalpur News - एनएच-80 पर भारी वाहनाें के दबाव काे कम करने के लिए कहलगांव से तीनटंगा के बीच गंगा के रास्ते मालवाहक जहाज चलाने की...

Sep 16, 2019, 06:51 AM IST
एनएच-80 पर भारी वाहनाें के दबाव काे कम करने के लिए कहलगांव से तीनटंगा के बीच गंगा के रास्ते मालवाहक जहाज चलाने की याेजना सालभर पहले शुरू की गई, लेकिन अब यह मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चला गया है। इसकाे लेकर बैठक से वीडियाे कांफ्रेंसिंग तक हुई। टर्मिनल के निर्माण के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई थी। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर परिवहन विभाग काे भेजा गया था। लेकिन वहां करीब छह माह से फाइल अटकी हुई है।

अंतर्देेशीय जलमार्ग प्राधिकरण काे टर्मिनल निर्माण के लिए मिल गया है पैसा

अब इस दिशा में काेई पहल हाेने की भी संभावना नहीं दिख रही है। इसकाे लेकर अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण काे टर्मिनल निर्माण के लिए राशि भी मिल गई थी। लेकिन जिला प्रशासन की अाेर से जमीन काे लेकर हरी झंडी नहीं मिलने के कारण इस दिशा में अागे काेई पहल नहीं की जा सकी है। अब भी प्राधिकरण जमीन मिलने के इंतजार में है। जबकि दूसरी तरफ जिला प्रशासन परिवहन विभाग से इसकी स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। कहलगांव से भागलपुर के बीच एनएच पर भारी वाहनाें का दबाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद निर्णय लिया गया था कि गंगा में मालवाहक जहाज चलाया जाए। इससे भारी वाहनाें काे गंगा के रास्ते कहलगांव से सीधे नवगछिया भेजा जाए। इससे एनएच पर भारी वाहनाें का दबाव कम हाेगा अाैर सड़क की स्थिति भी ठीक रहेगी। एडीएम राजेश झा राजा ने बताया कि विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद ही अब इस दिशा में काेई पहल की जा सकेगी।

बैठक से लेकर वीडियाे कांफ्रेंसिंग तक हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला, स्वीकृति के इंतजार में है जिला प्रशासन

सालभर पहले जहाज चलाने की दिशा में हुई थी पहल

गंगा में मालवाहक जहाज चलाने की दिशा में पहल पिछले साल सितंबर से शुरू हुई थी। बीते फरवरी में इस दिशा में पहल तेज की गई थी। इसकाे लेकर खुद मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसकी समीक्षा की थी। संभावना थी कि जहाज चलाने पर सहमति बन जाएगी। इसी कड़ी में उस वक्त की राज्य परिवहन आयुक्त सीमा त्रिपाठी ने पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार से इसके बारे में जानकारी ली थी। इसमें पूछा गया था कि मालवाहक जहाज के लिए तीनटंगा व कहलगांव में जहां टर्मिनल बनना है, वहां से एनएच की दूरी कितनी है। बताया गया था कि तीनटंगा से एनएच-31 के बीच 17 किलोमीटर की दूरी है और सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर है। जबकि कहलगांव में वर्निंग घाट से एनएच-80 की दूरी 550 मीटर है और सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर है। इसलिए वहां सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए भी जमीन का अधिग्रहण करने की बात कही गई थी।

गंगा के इस पार कहलगांव और उस पार तीनटंगा में होना है टर्मिनल का निर्माण

राज्य परिवहन आयुक्त को बताया गया था कि तीनटंगा में टर्मिनल निर्माण के लिए अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के उपनिदेशक ने जमीन भी चिह्नित की है। कहलगांव व तीनटंगा में टर्मिनल निर्माण के लिए जमीन चिह्नित की गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन काे यह देखना था कि लीज पर जमीन लेनी है या क्रय नीति पर खरीदनी है। बता दें कि एक कारगो जहाज प्राधिकरण के पास उपलब्ध है। इसमें एक खेप में 20 भारी वाहन जा सकेंगे। इसके चलने से एनएच-80 पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और जाम की स्थिति से राहत मिलेगी। विक्रमशिला सेतु पर भी भारी वाहनों का दबाव कम होगा और उस पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी।

जमीन मिल जाए ताे बनेंगे टर्मिनल


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