5 करोड़ मुआवजे के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम
डॉ. प्रियरंजन हत्याकांड के खुलासा और चार बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद भी डॉक्टर जिले की सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवा ठप कर धरना पर बैठे थे। आईएमए आश्रित को 5 करोड़ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य के सरकारी नौकरी की मांग कर रहा था। धरना के तीसरे दिन डीएम-एसपी मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया गया है। इसके बाद चिकित्सकों ने 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए धरना समाप्त कर दिया। तब दोपहर से सदर अस्पताल में इमरजेंसी और ओपीडी सेवा चालू कर दी गई। 15 दिनों में मांग पूरी नहीं होने पर डॉक्टर फिर से आंदोलन करेंगे। इस मौके पर डा. अभिषेक कुमार, डॉ. अजय कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. चंदेश्वर प्रसाद, डॉ. धमेन्द्र कुमार, डॉ. सुनीति सिन्हा, डॉ. सच्चिदानंद, डॉ. सियाशरण प्रसाद, डॉ. प्रिति रंजना, डॉ. अनीता, डॉ. मनोज कुमार समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।
डॉक्टरों की सुरक्षा का हो बंदोबस्त : आईएमए के चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. अमरदीप नारायण समेत अन्य ने डॉक्टर, आपराधिक घटना के शिकार न हों, इसके लिए उनकी सुरक्षा का बंदोबस्त करने को कहा। डीएम योगेंद्र सिंह ने चिकित्सकों से कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है। मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग को उन्होंने सरकार तक पहुंचा दिया है। एसपी ने कहा जांच जारी है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
डाॅक्टरों से बात करते डीएम-एसपी।