बाल संसद ने स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए यूनिसेफ को दिए कई सुझाव

Bihar Sharif News - एजुकेशन रिपोर्टर | बिहारशरीफ़ जिले के जिला प्रशिक्षण संस्थान संस्थान नूरसराय में बाल संसद के मंत्रियों की पहली...

Oct 12, 2019, 08:40 AM IST
एजुकेशन रिपोर्टर | बिहारशरीफ़

जिले के जिला प्रशिक्षण संस्थान संस्थान नूरसराय में बाल संसद के मंत्रियों की पहली शिखर वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें 60 बाल संसद के मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की समीक्षा की। इस बैठक में 10 बाल प्रधानमंत्री और उप-प्रधानमंत्री, 9 बाल शिक्षा मंत्री, 8 बाल स्वास्थ्य और स्वच्छता मंत्र, 8 बाल कृषि और जल मंत्री, 8 बाल विज्ञान एवं पुस्तकालय मंत्री, 8 बाल खेल एवं सांस्कृतिक मंत्री और 9 बाल आपदा और सुरक्षा मंत्री ने हिस्सा लिया। इस दौरान संसद के सभी सदस्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में बाल संसद द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यो के अनुभवों का शेयर किया। बैठक की कार्यवाही बच्चों द्वारा चेतना सत्र के साथ की गई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्या डॉ. रशिम प्रभा ने कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में बाल संसद के मंत्रियों की शिखर वार्ता हो रही है। इस दौरान बच्चों ने समूह चर्चा में हिस्सा लिया और बाल संसद के द्वारा किये गए सबसे बेहतर कार्य, बाल संसद की चुनौतियों, उनके सुझाव और सम्बंधित मंत्रियों से प्रस्तावित प्रश्न के बारे में चर्चा की और उसकी प्रस्तुति दी । बच्चों के साथ-साथ बाल संसद के संयोजक शिक्षकों ने भी इन्ही मुद्दों पर चर्चा की।

संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते की मना रहे 30 वीं वर्षगांठ

यूनिसेफ बिहार की शिक्षा विशेषज्ञ प्रमिला मनोहरण ने कहा की इस साल पूरे विश्व में संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते की 30 वीं वर्षगांठ उत्सव के रुप में मनाई जा रही है जिसके अंतर्गत बच्चों को कई अधिकार दिए गए है और उनमें भागीदारी का अधिकार एक महत्वपूर्ण अधिकार है। इसी अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में बाल संसद और मीना मंच का गठन किया गया है। इस अवसर पर सभी बच्चें दूसरे बच्चों के अधिकारों को प्राप्त करने के लिए तथा उसे उनतक पहुंचाने के लिए अपनी सहभागिता दिखाने का कार्य कर रहे रहे है ताकि उन अधिकारों को सच में हासिल किया जा सके।

बाल संसद का उद्देश्य

बाल संसद विद्यालय के बच्चे-बच्चियों का एक मंच है। इससे जीवन कौशल का विकास, बच्चों में नेतृत्व एवं निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने, विद्यालय गतिविधियों एवं प्रबंधन में भागीदारी बढ़ाने, सुरक्षित और साफ सुथरा रखने पर चर्चा होगी।

डायट नूरसराय में जिले के 60 बाल संसद के मंत्रियों की पहली शिखर वार्ता हुई

यूनिसेफ के सदस्यों ने बच्चों के अधिकारों के बारे में दी जानकारी | यूनिसेफ बिहार के संचार विशेषज्ञ निपुण गुप्ता ने बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा की बच्चों को स्वास्थ्य,शिक्षा,सुरक्षा और सर्वांगिण विकास का अधिकार प्राप्त है। साथ ही बच्चों को अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का भी अधिकार है। उन्होने कहा कि शिखर वार्ता के जरिए यह जानना है कि बाल संसद के बच्चें किस प्रकार से स्कूल की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे है और उसमे अपना योगदान दे रहे है। साथ ही उनकी क्या चुनौतियां हंै।

बाल संसद के मंत्रियों की बैठक में शामिल सदस्य।

बच्चों में मुख्यमंत्री से मिलने की दिखी ललक | बाल संसद के मंत्रियों की पहली शिखर वार्ता में मुख्यमंत्री से मिलने की ललक दिखी। बच्चों के कहा की अगर वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे तो उनसे पूछेंगे कि वे राज्य को किस प्रकार चला रहे है ताकि उनसे सीखकर वे भी अपने स्कूल को सुचारू तरीके से चला सके। बच्चों ने आगे बताया की वे पूछेंगे की बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आपकी क्या सोच है। वे मंत्रियो से यह भी कहेंगे कि सभी अभिभावक को प्रेरित करने के लिए विशेष पहल चलाये ताकि वे लड़के के साथ साथ अपनी लड़कियों को भी स्कूल भेजे।

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