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जिले के पर्यटन उद्योग पर दिख रहा कोरोना इफेक्ट्स राजगीर और नालंदा खंडहर कम आ रहे विदेशी पर्यटक
बिहारशरीफ/राजगीर/सिलाव : कोरोना वायरस को लेकर राजगीर और नालंदा के पर्यटन स्थलों पर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी कम हुई है। खासकर चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट है। बीते वर्ष नवम्बर माह में 1225 चीनी पर्यटक आये थे तो दिसम्बर में यह संख्या 704 रह गयी। वहीं जनवरी में यह संख्या 660 है। इसी प्रकार और देशों से आने वाले लोगों की संख्या में कमी आयी है। जिन-जिन देशों में कोरोना वायरस की शिकायत मिली है वहां के पर्यटकों की संख्या में कमी आयी है। पर्यटन विभाग के अनुसार तीन माह में लगातार विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आयी है। इसका असर पर्यटन उद्योग पर पड़ा है।
एक जगह मेडिकल टीम
पर्यटक स्थल होने के बीच राजगीर में सिर्फ एक स्थान पर मेडिकल टीम तैनात की गयी है। चार सदस्य द्वारा यहां विदेशी पर्यटकों की जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित कई पर्यटक जहां विशेष रूप से विदेशी पर्यटक जाते हैं। कहीं भी मेडिकल टीम या थर्मल स्कैंनिंग मशीन की व्यवस्था नहीं है। राजगीर में खासतौर पर वेणुवन, गृद्धकुट पर्वत, जापानी मंदिर, थाई मंदिर, सोन भंडार, मनियार मठ, शांति स्तूप सहित वैसे स्थल जो भगवान बुद्ध से जुड़े हैं वहां विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन एक को छोड़ कहीं पर भी जांच की व्यवस्था नहीं है। राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल प्रभारी डा. उमेश चन्द्रा ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर चार सदस्यीय मेडिकल टीम तैनात की गयी है। साथ ही अस्पताल में आम मरीजों के बेड से काफी दूरी पर अलग से दो बेड की व्यवस्था की गयी है। होटल संचालकों के साथ बैठक कर जागरूक किया गया है। कोरोना को लेकर जिले में काफी सतर्कता बरती जा रही है।
टल गया चीनी दल का दौरा
सिलाव | मानिक विश्वविद्यालय नव नालंदा महाविहार में कई देशों के विद्यार्थी रहकर पढ़ाई करते हैं। कुलपति वैद्यनाथ लाभ ने बताया कि यहां रह रहे विदेशी छात्र पहले से ही हैं। ऐसे में बाहर से संक्रमित होकर आने की कोई संभावना नहीं रही। करीब एक माह पूर्व एक चीनी दल यहां आने वाला था लेकिन कोरोना वायरस के चलते रोक दिया गया। यहां दो चिकित्सक डाॅ. फैसल एवं डाॅ. नुपुर के द्वारा सभी को लगातार जागरूक किया जा रहा है। विद्यार्थियों को खान-पान से लेकर रहन-सहन के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
नालंदा खंडहर आने वालों की संख्या घटी
कोरोना के चलते प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का भग्नावशेष देखने के लिए आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी है। पांच फरवरी के बाद से चाइना, जापान, सिंगापुर और ताइवान के पर्यटकों का आना लगभग पूरी तरह बंद है। सिर्फ वियतनाम, थाईलैंड, वर्मा, श्रीलंका, कोरियन व यूक्रेन देशों के पर्यटक आ रहे लेकिन इनकी संख्या में भी गिरावट है।
50 एन 95 मास्क व 10 पीपी कीट उपलब्ध
बिहारशरीफ | सदर अस्पताल में 10 बेड के आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गयी है। सीएस डाॅ. राम सिंह ने बताया कि राजगीर और सिलाव में पर्यटकों की जांच के लिए टीम लगायी गयी है। जो भी टूरिस्ट आते हैं उनकी स्क्रीनिंग की जाती है। जिला अस्पताल प्रबंधन के पास एहतियात के तौर पर 50 एन 95 मास्क और 10 पीपी कीट उपलब्ध है। मरीजों की जांच से संबंधित डाक्टर व कर्मियों को मास्क उपयोग के लिए दिया जायेगा।
यदि कोई संदिग्ध मिले तो सैंपल कलेक्ट कर पहले पावापुरी मेडिकल कालेज भेजा जायेगा। उसके बाद सेंपल जांच के लिए पूना भेजा जायेगा। आशा, आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम एवं स्थानीय प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया है। सदर अस्पताल में अलग कमरे की व्यवस्था है। डाॅ. मनोरंजन कुमार, जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट
एक मार्च को 29, दो को 35 4 मार्च को आए 41 पर्यटक
कोरोना फैलने के पहले नवम्बर माह में करीब 4500 विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे थे। फरवरी माह में यह संख्या लगभग 2 हजार रही। मार्च माह में पहली तरीख को 29, दूसरी को 35, तीसरी को 40 और 4 मार्च को 41 विदेशी पर्यटक ही पहुंचे।
कोरोना वायरस को लेकर चिकित्सकों को जानकारी देते एपीडेमियोलॉजिस्ट
व्यवसाय पर पड़ा प्रभाव
कोरोना वायरस का प्रभाव व्यवसाय पर पड़ा है। खासकर चाइनिज सामान और मुर्गा का व्यवसाय करने वाले प्रभावित हुए हैं। चाइनिज सामान की मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही है। जिसके कारण कीमतों में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। दुकानदार अप्पू कुमार, सन्नी कुमार, सुनील कुमार, प्रशांत कुमार ने बताया कि करीब 1 माह से चाइनिज सामान नहीं आ रहा है। किसी तरह आता भी है तो मांग से काफी कम। जिसके कारण कीमत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मुर्गे की बिक्री में 75 प्रतिशत की गिरावट
विगत एक माह से मुर्गा की बिक्री काफी कम हो गयी है। कुछ दुकानदार तो दोपहर के बाद ही दुकान का शटर गिरा देते हैं। मुर्गा व्यवसायी वाट्सएप के माध्यम से लोगों को गलतफहमी से बचने की सलाह दे रहे हैं। कम कीमत का भी हवाला दिया जा रहा है लेकिन ग्राहक पसंद नहीं कर रहे हैं। दुकानदार पम्मी कुमार ने बताया कि मुर्गा की बिक्री में 75 प्रतिशत की गिरावट आयी है। 150 रुपये बिकने वाला मुर्गा का मीट 90 रुपये बिक रहा है। छोटा मुर्गा 110 से 80 और बड़ा मुर्गा 100-70 रुपये में बेचा जा रहा है। सिविल सर्जन ने लोगों को अफवाह से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मुर्गा कोरोना वायरस की अफवाह गलत है। गर्म करने के बाद किसी भी वायरस का प्रभाव नहीं रहता है। ऐसे में मुर्गा का मीट खाने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
कहां के पर्यटक किस महीने में कितने
{ नवम्बर - चीन- 1225, जापान 308, अमेरिका 29, श्रीलंका 207, फ्रांस 34, यूएसए 20, कोरिया 94, म्यांमार 97, थाईलैंड 217, ताइवान 299, इंडोनेशिया 103, ब्राजील 2, वियतनाम 794, मलेशिया 173, सिंगापुर 208, इजराइल 9, वर्मा 18।
{ दिसम्बर - चीन 704, जापान 143, थाईलैंड 334, वर्मा 14, कोरिया 209, फ्रांस 6, ताइवान 217, भूटान 13, मलेशिया 262, श्रीलंका 6, सिंगापुर 191, म्यांमार 105, इंडोनेशिया 182, वियतनाम 193, यूके 2, अमेरिका 87, बंगलादेश 8।
{ जनवरी - चीन 660, थाईलैंड 221, भूटान 13, म्यांमार 175, नेपाल 7, कोरिया 129, वियतनाम 18, सिंगापुर 131, फ्रांस 5, इंडोनेशिया 24, अमेरिका 53, मलेशिया 2, श्रीलंका 16, ताइवान 85।
पांच फरवरी के बाद से चाइना, जापान, सिंगापुर और ताइवान के पर्यटकों का आना लगभग पूरी तरह बंद, राजगीर, सिलाव में पर्यटकों की जांच के लिए टीम लगायी गयी
अस्पताल में 10 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था, खान-पान के बारे में किया जा रहा है जागरूक
प्रशासन की तैयारी
कोरोना से बचाव को ले राजगीर में मास्क लगा पूजा करती विदेशी पर्यटक