बेमौसम बरसात से फसलों को नुकसान, किसान बेदम
अस्थावां बाजार, बेनार, सारे, ओयाव, मकसीदपुर में होली पर्व पर खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी लेकिन किसान फसल बर्बाद होने के कारण मायूस हैं। हरा चना की झंगड़ी, सगहा प्याज, प्याज, बंदा गभी, इमली, मेदा, चीनी, रंग, अबीर, पिचकारी, रंग बिरंगी टोपी, नकली रंग बिरंगे बाल, सफेद कुर्ता-पाजामा तथा दुकान में रेडिमेड कपड़े की जमकर खरीददारी हुई। गावं में होलिका दहन की तैयारी जोरों.पर है। लोग लकड़ी, गोयठा, पुआल आदि एकत्र कर रहे हैं। वहीं किसान बेमौसम बारिश होने से परेशान हैं। किसान विजय कुमार ने कहा कि गेहूं की फसल में बाली लग रही थी। हवा व पानी से फसल जमीन पर गिर गयी है। फसल में दाने नहीं भरेंगे। होली का उत्साह फीका हो गया है। अजय प्रसाद ने कहा कि पानी से मसूर, चना व मटर का पौधा काला हो गया। प्रकृति की मार सेहम उबर नहीं पा रहे हैं। सुरेश प्रसाद ने कहा कि अरहर व सरसों के फसल भी चौपट हो गये। संजय प्रसाद ने कहा कि किसान को फसल देखकर इस समय खुशी होता थी लेकिन बिन मौसम बरसात ने बर्बाद कर दिया। ये होली तो हमलाेगों के लिए फीकी ही बीतेगी।