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लगातार हो रही बेमौसम बारिश से फसलों को हो रहा नुकसान, दलहन और तिलहन को ज्यादा क्षति
कई दिनों से रूक-रुककर हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। खासकर रबी फसल को भारी नुकसान की संभावना बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि पिछात गेंहू को छोड़कर यह बारिश सभी फसलों को नुकसान पहुंचायेगा। सबसे ज्यादा नुकसान टाल क्षेत्रों के किसानों को होगी। टाल क्षेत्र में मसूर और चना की खेती सबसे ज्यादा होती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. उमेश नारायण उमेश ने बताया कि विगत 10 दिनों से रूक रूक कर हो रही बारिश से किसान को काफी नुकसान है। अभी फसल कटनी का समय था। सबसे ज्यादा तेलहनी एवं दलहनी फसल का नुकसान हुआ है। गेंहू की जो फसल खेत में गिर गयी है उसमें दाना लगने की संभावना नहीं के बराबर है।
10.16 एमएम हुई बारिश : विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक 13 मार्च तक 3.6 एमएम बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 10.16 एमएम बारिश हुई है। कुछ प्रखंडों को छोड़कर सभी प्रखंडों में औसत से अधिक बारिश हुई है। राजगीर में 56, सिलाव और थरथरी में 54, बिहारशरीफ में 18.4, सरमेरा 14.4, नूरसराय में 15.2, बेन में 33.8, गिरियक में 12.4,करायपशुराय में 26, एकंगरसराय एवं परवलपुर में 34 एवं इसलामपुर में 17.2 एमएम बारिश हुई है।
इस्लामपुर | बेमौसम बारिश ने पान कृषकों की तोड़ी कमर
प्रखंड क्षेत्र के पान कृषक को बेमौसम की बारिश ने कमर तोड़ दिया है। बारिश के कारण मगही पान फ़सल काफी नुकसान हुआ है। जिससे पान कृषकों की नींद हराम हो गयी है। लगातार प्रकृति का मार झेल रहे सेरथुआ गांव के पान किसान मेघन चौरसिया, निपु चौरसिया, सुनील चौरसिया इस पुस्तैनी धंधा को छोड़कर बाहर पलायन कर गए हैं। सेरथुआ गांव के पान किसान राजकुमार चौरसिया, सिद्धनाथ चौरसिया, दिनेश चौरसिया, अखिलेश, अनिल चौरसिया, श्यामबाबू चौरसिया, मुन्ना चौरसिया, रवि चौरसिया, अखिलेश चौरसिया, सरयुग चौरसिया, प्रमोद चौरसिया आदि ने बताया कि इसलामपुर प्रखंड के डौरा, बौरीसराय, इमादपुर, अर्जुन सेरथुआ सहित लगभग एक दर्जन गांवों के 100 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में मगही पान की फसल उपजाई जाती है। बेमौसम बारिश से पान का नुकसान होता देख किसानों के होश उड़ गये हैं। पान कृषकों ने कहा कि बेमौसम बारिश के वज़ह से इस्लामपुर प्रखंड में लाखों रूपया से भी ज़्यादा का फसल बर्वाद हो गया है। बारिश के कारण पान का पत्ता दागदार व लाल होकर जमीन पर गिर रहा है। मगही पान अनुसंधान केंद्र इसलामपुर सिर्फ़ दिखावा के लिए है। किसान अपने भाग्य को कोसते हुए भगवान भरोसे जीने को विवश हैं। किसानों ने राज्य सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बेन | किसानों के सपनों पर फिरा पानी : प्रकृति ने फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों के चेहरे पर मायूसी ला दी। बारिश के कारण खेतों में लगी गेहूं की फसलें गिर गयी। पके मसुर और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। फसलों को जल्द से जल्द घरों में ले जाने की मंशा पर मौसम ने पानी फेर दिया। फसलों के बर्बाद होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। किसान लखन यादव, किशोर प्रसाद ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण फसल बर्बाद हुई है। इसके अलावा चने एवं सब्जी को भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।
हरनौत | अनुदान की मांग को लेकर प्रदर्शन : प्रखंड में मसूर, सरसों, चना, गेहूं आदि रबी फसल की बेमौसम बारिश से नुकसान के कारण किसानों को फसल इनपुट अनुदान की मांग की है। इस संबंध में चंद्रउदय ने बीडीओ के माध्यम से सीएम को ज्ञापन दिया है। प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन भी किया गया। इनका कहना है कि बेमौसम बारिश से लगभग शत-प्रतिशत रबी फसल को नुकसान है। प्रदर्शन में रामप्रवेश सिंह, शिव कुमार सिन्हा, उपेंद्र यादव, महेंद्र प्रसाद, राजेंद्र राम, उदय कुमार आदि शामिल थे।
हिलसा | गेहूं के पौधे भी तेज हवा व बारिश के कारण बर्बाद हो रहे
प्रखंड क्षेत्र में रुक रुककर हो रही बेमौसम बारिश से तेलहन और दलहन फसल बर्बाद होने के कगार पर है। गेहूं फसल भी बारिश और हवा के कारण बर्बाद होने के संभावना है। जिससे किसानों में हाहाकार मचा है। बता दें कि 2 महीनों से रुक रुककर बेमौसम बारिश हो रही है। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश के कारण तेलहन फसल को दवा का छिड़काव कर कुछ हद तक बचाया गया था। इधर दो दिन से हो रही बेमौसम बारिश के कारण तेलहन और दलहन फसल बर्बाद हो गया। केशोपुर गांव के किसान विनोद शर्मा, बाल्मीकि शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, अभिनंदन शर्मा, उपेन्द्र शर्मा, जयचंद राम, राकेश कुमार आदि किसानों ने कहा कि घर में रखा अनाज बेचकर तेलहन और दलहन फसल में दवा का छिड़काव किया था। छिड़काव कके बाद हो रही बेमौसमी बारिश के कारण दोनों फसल बर्बाद हो चुके हैं। गेहूं के पौधे भी तेज हवा व बारिश के कारण बर्बाद होने के कगार पर है।