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इंटरमीडिएट की स्पेलिंग नहीं बता पाए शिक्षक

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 05:16 AM IST

Bihar Sharif News - सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति को लेकर बराबर सवाल उठते रहते हैं। खासकर शिक्षकों की क्षमता को लेकर भी सवाल...

Silaw News - intermediate spellings can not tell the teacher
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सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति को लेकर बराबर सवाल उठते रहते हैं। खासकर शिक्षकों की क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं। आए दिन रियलिटी टेस्ट में शिक्षकों के फेल होने की खबरें मिलती रहती हैं। शनिवार को भी एक शिक्षक रियलिटी टेस्ट में फेल हुए। बीडीओ डॉ. अंजनी कुमार बूथ की जांच के लिए सिलाव स्थित प्राथमिक कन्या विद्यालय पहुंचे थे। वह वहां उपलब्ध सुविधाओं आदि की जानकारी लेने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर स्कूल की व्यवस्था पर गयी और पूछने पर पता चला कि चार शिक्षक हैं लेकिन उपस्थित एक ही थे।

खुद की ड्यूटी की भी स्पेलिंग नहीं बता सके

बीडीओ ने मौके पर मौजूद शिक्षक से उनकी डिग्री को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास हैं। लगे हाथ सिंह ने इंटरमीडिएट की स्पेलिंग पूछ दी। जिसका वह जवाब नहीं दे सके और बगले झांकने लगे। एनआईओएस का फुल फॉर्म भी पूछा। शिक्षक इसका भी जवाब नहीं दे सके।

प्राथमिक विद्यालय सिलाव में पूछताछ करते बीडीओ।

सिटी रिपोर्टर| सिलाव

सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति को लेकर बराबर सवाल उठते रहते हैं। खासकर शिक्षकों की क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं। आए दिन रियलिटी टेस्ट में शिक्षकों के फेल होने की खबरें मिलती रहती हैं। शनिवार को भी एक शिक्षक रियलिटी टेस्ट में फेल हुए। बीडीओ डॉ. अंजनी कुमार बूथ की जांच के लिए सिलाव स्थित प्राथमिक कन्या विद्यालय पहुंचे थे। वह वहां उपलब्ध सुविधाओं आदि की जानकारी लेने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर स्कूल की व्यवस्था पर गयी और पूछने पर पता चला कि चार शिक्षक हैं लेकिन उपस्थित एक ही थे।

खुद की ड्यूटी की भी स्पेलिंग नहीं बता सके

बीडीओ ने मौके पर मौजूद शिक्षक से उनकी डिग्री को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास हैं। लगे हाथ सिंह ने इंटरमीडिएट की स्पेलिंग पूछ दी। जिसका वह जवाब नहीं दे सके और बगले झांकने लगे। एनआईओएस का फुल फॉर्म भी पूछा। शिक्षक इसका भी जवाब नहीं दे सके।

जांच के लिए अधिकारियों को लिखा जाएगा

बीडीओ ने कहा कि इस शिक्षक की नियुक्ति की जांच के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जायेगा। जिस प्रकार का ज्ञान इनके पास है ऐसे में जगजाहिर है कि ये क्या शिक्षा देंगे। नियोजन में अपारदर्शिता बरते जाने की पूरी आशंका है और यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक जिन्हें एनआईओएस का फुलफॉर्म और इंटरमीडिएट की स्पेलिंग नहीं आती है उनका भगवान की मालिक है। इनपर जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षक में से दो एनआईओएस का परीक्षा देने गये हुए थे। जबकि एक शिक्षिका रेखा कुमारी का पांच साल से कोई अता-पता नहीं है। वह कहां गयी है, छुट्‌टी पर है या कहां डिप्टेशन हुआ है इसकी जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पास भी नहीं है।

चर्चा में हमेशा रहता है अवैध नियोजन

प्रखंड में अवैध तरीके से शिक्षकों का नियोजन हमेशा चर्चा में रहती है। शनिवार की घटनाक्रम में जिस तरह से शिक्षक की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़ा हुए हैं उससे एक बार फिर नियोजन में गड़बड़ी का सच उजागर हुआ है।

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