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नहीं हो रहा प्रचार-प्रसार:जरूरी सुविधाओं के बाद भी सरकारी अस्पतालों में प्रसव से परहेज कर रहीं महिलाएं, महज 40 प्रतिशत हो रहा प्रसव

Bihar Sharif News - जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव के लिए सभी जरूरी सुविधाएं रहने के बावजूद महिलाएं यहां प्रसव कराने से...

Sep 14, 2019, 07:06 AM IST
Bihar Sharif News - not getting publicity women are avoiding delivery in government hospitals even after necessary facilities only 40 percent deliveries
जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव के लिए सभी जरूरी सुविधाएं रहने के बावजूद महिलाएं यहां प्रसव कराने से परहेज कर रही हैं। आज भी आधी से अधिक गर्भवती महिलाओं का प्रसव निजी क्लीनिकों में हो रहा है। एएनसी के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। मतलब जितनी महिलाओं का एएनसी हो रहा है उसका 40 प्रतिशत ही सरकारी अस्पताल में प्रसव करा रही हैं। तीन पीएचसी को छोड़कर कहीं से भी 50 प्रतिशत से अधिक प्रसव होने की रिपोर्ट नहीं है। अप्रैल से अगस्त माह के दौरान बिंद, अस्थावां एवं राजगीर में ही 50 प्रतिशत से उपर प्रसव हुआ है। बिहारशरीफ सदर एवं ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर भी औसतन 5 माह में मात्र 47 प्रतिशत ही प्रसव हुआ है। सबसे कम वेन में मात्र 25 प्रतिशत प्रसव कराया गया है। यह स्थिति तब है जब सरकार सुविधाएं दे रही है। इसके लिए प्रचार-प्रसार का अभाव व आशा की सुस्ती सामने आ रही है।

जितनी महिलाओं का एएनसी हो रहा है उसका 40 % ही सरकारी अस्पताल में प्रसव करा रही हैं, तीन पीएचसी को छोड़कर कहीं से भी 50 % से अधिक प्रसव होने की रिपोर्ट नहीं है, बिहारशरीफ सदर व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर भी औसतन 5 माह में मात्र 47 % ही प्रसव

आशा पर भी लगा आरोप

एसीएमओ डा. अवधेश कुमार ने इसके लिए आशा एवं स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही को जिम्मेवार बताया है। उन्होंने बताया कि जितनी संख्या में एएनसी हो रहा है उस अनुरूप प्रसव के लिए महिलाएं नहीं पहुंच रही है। इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेवारी आशा कार्यकर्ताओं की है। कई बार निर्देश दिया गया है फिर भी सही से इस पर काम नहीं हो रहा है। एक महिला पर 600 रुपया आशा को बतौर प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

आशा को रखनी है सारी जानकारी

एसीएमओ ने बताया कि आशा को यह जानकारी रहती है कि किस महिला का कब प्रसव होना है फिर भी वह इस पर नजर नहीं रखती। एएनसी के बाद प्रसव का समय आने पर महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में प्रसव के प्रेरित कर लाने की जिम्मेवारी है।

मात्र 40 % ही प्रसव

विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल-अगस्त तक एएनसी के अनुसार जिले के सरकारी अस्पतालों में 94 हजार 533 महिलाओं का प्रसव होना था लेकिन मात्र 15 हजार 793 प्रसव ही हो पाया है। तीन पीएचसी में 50 से उपर, 7 पीएचसी में 40 व 9 पीएचसी में 30 प्रतिशत से उपर एवं वेन में मात्र 25 प्रतिशत ही प्रसव होने की रिपोर्ट है।

किस पीएचसी में कितना प्रसव

प्रखंड लक्ष्य सफलता प्रतिशत

बिंद 1857 469 61

अस्थावां 5039 1078 51

राजगीर 4180 882 51

गिरियक 3339 678 49

बिहारशरीफ 17012 3314 47

रहुई 4345 841 46

परवलपुर 2275 417 44

सिलाव 4990 844 41

सरमेरा 3223 542 40

कतरीसराय 1255 211 40

नगरनौसा 3299 497 36

नूरसराय 5831 873 36

हरनौत 5810 845 35

थरथरी 2372 336 34

हिलसा 6458 897 33

इस्लामपुर 7581 1015 32

करायपशुराय 2443 326 32

एकंगरसराय 5438 674 30

बेन 2843 294 25

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