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कोरोना से बचाव के लिए बनायी गयी टास्क फोर्स बचाव के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रशासनिक तैयारियों में तेजी लायी गयी है। जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जिसमें डीएम अध्यक्ष होंगे। सिविल सर्जन सचिव बनाये गये हैं। इनके अलावा एसपी, डीडीसी, नगर आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी और आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल किये गये हैं। गुरुवार को डीएम योगेन्द्र सिंह ने बैठक कर कोरोना से बचाव और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस वायरस के संबंध में लोगों के बीच प्रचार-प्रसार जरूरी है। सही जानकारी होने तक लोग अफवाह से बच सकेंगे।

होगा कार्यशाला का आयोजन : सिविल सर्जन को जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सकों के साथ इस वायरस से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के सभी पारा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्टाफ को भी सभी जरूरी जानकारियों से लैस किया जायेगा।

दवा विक्रेताओं के साथ होगी बैठक

जिले के सभी थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं के साथ भी बैठक होगी। डीएम ने कहा कि किसी भी स्थिति में मास्क, सैनिटाइजर एवं अन्य दवाओं का बेवजह स्टॉक कर बाजार में अनुपलब्धता बनायी जायेगी तो कड़ी कार्रवाई होगी।

अफवाह से बचें, मांसाहार से नहीं फैलता कोरोना


जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि लोग अफवाह से बचें। चिकन, मटन और मछली के सेवन से कोरोना वायरस का कोई संबंध नहीं है। इस संबंध में अफवाहजनक सूचनाएं फैलायी जा रही है। डीएम ने उन्हें लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया है। बता दें कि जिले में अभी तक कोरोना वायरस का एक भी मामला संज्ञान में नहीं आया है। इसका लक्षण सामान्य फ्लू से मिलते-जुलते हैं। जिसके कारण खासकर सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहजनक सूचना का प्रसार होता है। डीएम ने बताया कि ऐसी अफवाहजनक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लोग इस तरह की सूचनाओं से बचें। अस्पताल या डाक्टर द्वारा पुष्टि के बाद ही किसी भी सूचना को सही मानें।


छींक नहीं आने के साथ दम फूलना इसके विशेष लक्षण : सीएस डॉ. राम सिंह ने कहा कि कोविड-19(कोरोना), कोल्ड एवं फ्लू तीनों रोग में सामान्य लक्षण होते हैं लेकिन कुछ ऐसे लक्षण है जो सिर्फ कोरोना में ही होता है। जैसे कोरोना के मरीज को बुखार, थकावट के साथ-साथ छींक नहीं आता है और सांस फूलने की शिकायत होती है।


लक्षण कोरोना कोल्ड फ्लू

बुखार ज्यादा बहुत कम ज्यादा

थकावट सामान्य सामान्य ज्यादा

कफ आना ज्यादा सामान्य ज्यादा

छींक आना नहीं ज्यादा नहीं

दर्द सामान्य ज्यादा ज्यादा

नाक भरना कम ज्यादा सामान्य

थुक घोंटने में समस्या सामान्य ज्यादा सामान्य

डायरिया की शिकायत कम नहीं सामान्य

सिर में दर्द, थकावट सामान्य कम ज्यादा

सांस फुलना सामान्य नहीं नहीं

स्कूल और आंगनबाड़ी में होगा कार्यक्रम

डीईओ को निर्देश दिया गया है कि स्कूल स्तर पर भी छात्रों एवं अभिभावकों को जागरूक करें। साथ ही यथासंभव स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के कर्मी को भी स्कूल में जाने के लिए कहा गया है। मध्याह्न भोजन को लेकर साफ-सफाई बरतने एवं बच्चों को साबुन से हाथ दिलाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। आईसीडीएस डीपीओ को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।

वार्ड पार्षदों की होगी बैठक

शहरी निकायों में स्थानीय वार्ड पार्षदों के साथ बैठक कर उन्हें भी कोरोना वायरस के लक्षण, बचाव और सावधानी के बारे में बताया जायेगा।

ग्राम सभा कर किया जायेगा जागरूक

16 मार्च से सभी पंचायतों में विशेष ग्रामसभा का आयोजन होगा। ग्राम सभा में स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल होकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जायेगा।

विदेश से आने वालों पर विशेष नजर : बैठक में डीएम ने निर्देश दिया है कि भारत सरकार द्वारा जारी ट्रैवल एडवाइजरी के अनुसार विदेशों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखें। साथ ही सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल राजगीर, हिलसा और पावापुरी मेडिकल कालेज अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड के लिए तैयार रखने को कहा गया है।

कोरोना वायरस को लेकर जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक करते जिलाधिकारी।

कोरोना को लेकर जारी की एडवाइजरी

कोरोना वायरस को लेकर सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ निजी क्लिनिकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गयी है। ताकि इस तरह का लक्षण पाए जाने पर मरीजों के इलाज की अलग से व्यवस्था की जा सके। एसीएमओ डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर निजी क्लिनिक को भी सतर्क किया गया है। कोरोना से प्रभावित देश से आने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी गयी है। बुखार, खांसी, कफ आदि की समस्या सामान्य मरीज को भी हो सकती है लेकिन कोरोना से प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले मारीज में अगर यह लक्षण पाया जाता है तो सावाधानी और सुरक्षा के तौर पर अलग वार्ड में रखने का निर्देश दिया गया है। यदि निजी क्लीनिक में ऐसी व्यवस्था नहीं है तो उन्हें सदर अस्पताल या विम्स में रेफर करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना 2 दिन से लेकर किसी भी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकती है।
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